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21 Jan 2026, Wed

सिम्स में मरीजों के साथ हो रहा खिलवाड़, एक ही बेड पर दो मरीजों का गुजारा

बिलासपुर ,,, सिम्स अस्पताल में अपनी समस्याओं के चलते अब भी सिम्स सुर्खियों में है। लाख प्रयासों के बावजूद सिम्स की बदहाली को नही सुधारा जा सका है। सिम्स में जहां बिस्तरों के आभाव में एक बेड पर दो महिलाओं को रखा जा रहा है तो वहीं रिफर वाले मरीजों को समय पर एम्बुलेंस तक की सुविधा नही मिल पा रही है। यही वजह है कि एनएमसी ने भी सिम्स को 3 लाख रुपये का जुर्माना ठोंका है। सुर्खियों में बनी सिम्स की सत्यता जानने मीडिया की टीम ने सिम्स मेडिकल अस्पताल का जायजा लिया। इस दौरान सिम्स में भारी समस्या देखने को मिली। दरअसल यहां देखा गया कि गायनिक वार्ड में एक बिस्तर पर दो दो गर्भवती और प्रसूताओं को रखकर उनका इलाज किया जा रहा है। जबकि इन दिनों बिलासपुर में भीषण गर्मी पड़ रही है, सिम्स प्रबंधन ने अतिरिक्त बिस्तरों की व्यवस्था करना छोड़कर महिलाओं को उनके ही हाल में छोड़ दिया है।

इसके साथ ही केजुअल्टी में बैठे जिम्मेदार चिकित्सक मरीजों के इलाज में समय देना छोड़कर आपस मे टाइम पास कर रहे है। इतना ही नही गौरेला पेंड्रा से सिम्स के केजुअल्टी में भर्ती नागेश्वर रैदास के पिता दामोदर रैदास ने बताया कि उनके बेटे के थाई में रॉड लगा हुआ है जिसका ऑपरेशन करना है। जिसके लिए सिम्स ने मेकाहारा रिफर कर दिया है। आलम ये है कि रिफर किये 24 घण्टे से ज्यादा बित गया है ये लोग बुधवार से 108 संजीवनी एक्सप्रेस एम्बुलेंस को फोन कर रहे है जो अब तक सिम्स नही पहुंच सका है जब भी ये लोग 108 में कॉल करते है इन्हें केवल आश्वासन ही दिया जा रहा है। दामोदर का कहना है कि उनके बेटे नागेश्वर की तकलीफ बढ़ती जा रही है अगर उसे कुछ होता है उसका जिम्मेदार कौन होगा।

इलाज या फिर डिलीवरी के लिए सिम्स आने वाले मरीजों की समस्या कम होने का नाम नहीं ले रही है। शासन प्रशासन के द्वारा सिम्स में पूरी ताकत झोंक देने के बावजूद अब तक व्यवस्था सुधर नही सकी है। आज भी सिम्स के गायनिक वार्ड में जहां एक बिस्तर पर दो गर्भवती महिलाओं और प्रसूताओं को रखा जा रहा है तो वहीं अस्थि विशेषज्ञों के नही होने के चलते गम्भीर समस्या के मरीजो को आज भी रायपुर भेजने का सिलसिला जारी है। उस पर मरीजों को समय पर एम्बुलेंस नही मिल पा रही है। शायद यही वजह है कि अब भी जरूरी साधन संसाधनों की कमी से जूझ रहे सिम्स पर नेशनल मेडिकल कमीशन ने 3 लाख रुपये का जुर्माना किया गया है साथ ही कमियां दूर नही करने पर एमबीबीएस की सीटें कम कर देने की चेतावनी दी गयी है।

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प्रधान संपादक -हरबंश सिंह होरा
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