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21 Jan 2026, Wed

I. P. L के सटोरिये गोवा, कटनी से कर रहे ऑपरेट,62 दिन में पुलिस को एक भी नही मिला

आईपीएल में बिलासपुर के सटोरिये गोवा,दुबई और कटनी जाकर ऑपरेट कर रहे हैं लेकिन एसीसीयू या बिलासपुर की पुलिस को एक भी आरोपी नहीं पकड़ सकी! रायपुर पुलिस महाराष्ट्र,दिल्ली और गोवा से सटोरियों को पड़कर ला चुकी है परंतु दूसरे जिलों की एक पुलिस ने भी कार्रवाई की है इसके विपरीत 62 दिनों में बिलासपुर पुलिस को एक भी सटोरिया नहीं मिला सूत्रों के मुताबिक शहर में सिविल लाइन, व्यापार विहार और सरकंडा में फिर सटोरिया सक्रिय हो गए हैं मस्तूरी क्षेत्र के एक गांव में बड़े स्तर पर जुआ चल रहा है इसकी जानकारी वरिष्ठ अधिकारियों को भी है लेकिन कार्रवाई नहीं की जा रही कुछ अधिकारियों पर ही जुआ हुआ सट्टे को संरक्षण देने का आरोप है
22 मार्च को I.P.L सीजन-17 शुरू हुआ! पुलिस ने इसमें सटोरियो के खिलाफ सख्त कार्यवाही करने के दावे किए! साथ ही जिस थाना क्षेत्र में क्रिकेट ,सट्टा, बुक पकड़ी जाएगी , वहां के बीट कांस्टेबल व टी आई के खिलाफ कार्यवाही करने की बात भी कही थी! मैच खत्म होने को है! केवल फाइनल मैच शेष है!

1– थानेदारो की तरह बंटे है सभी सटोरियो के इलाके

शहर के साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों में सटोरियो व खाईवालों का अपना ,अपना थाना बटा है! मतलब साफ है कि जिसको जिस एरिया का काम मिला है, वह उसी क्षेत्र में सट्टा संचालित करेगा! उसके एजेंट सट्टा पट्टी लिखेंगे ! एक सटोरिया दूसरे के क्षेत्र में जाकर अपना कारोबार नही कर सकता ! सरकंडा, सिरगिट्टी व सिविल लाइन जैसे बड़े थानों में दो,दो सटोरिए सक्रिय है! इधर कुछ सटोरिए एक साथ दो,दो थाना क्षेत्र में काम चला रहे हैं! इसमे तारबहार और सकरी में एक ही खाईवाल का कारोबार चल रहा है!

2– I.P.L शुरू होते ही खाईवाल दूसरे राज्य शिफ्ट

I.P.L शुरू होने से एक-दो दिन पहले बड़े भूकी व खाईवाल शहर छोड़कर सुरक्षित स्थानों पर चले गए! कुछ दुबई कुछ गोवा तो कुछ बेमेतरा व कुछ कवर्धा से अपना कारोबार चला रहे हैं इनमें से कुछ सटोरिये दो-चार दिन में शहर लौट आते हैं एसीसीयू के ही सूत्रों के मुताबिक सटोरियों ने पढ़ने वाले लड़कों के कमरों आवासीय कॉलोनी वह मल्टी स्टोरी फ्लैट वह फार्म हाउस में अपना ठिकाना बना लिया है जिले में ऑफलाइन के साथ-साथ ऑनलाइन सट्टा बड़े पैमाने पर चल रहा है चकरभाठा को सटोरियों का गढ़ माना जाता है पर अब सिरगिट्टी, सिविल लाइन तोरवा, सरकंडा सहित सभी इलाकों में यह सक्रिय हैं पुलिस बड़े भूकी व खाईवाल को पकड़ने के बजाय केवल उनके एजेंट को पकड़ कर खाना पूर्ति करती है

3– कार्रवाई के पहले लग जाती है! भनक

सरकंडा के एक और दयालबंद के दो खाईवाल गोवा में डेरा डाले हुए हैं!तीनों बड़े सटोरिये हैं!और वहां से सट्टा चला रहे हैं! इनका नेटवर्क जबरदस्त है! स्थानीय पुलिस की सेटिंग से पूरा काम चल रहा है थानों में इनके मुखबिर हैं पुलिस कहां आ जा रही है इन्हें पूरा सूचना मिल जाती है इनका नेटवर्क साइबर तक है जब भी लोकेशन मांगा जाता है हाय खाईवालों को सूचना मिल जाती है जिले में इस साल पुलिस ने क्रिकेट सट्टे की कोई कार्रवाई नही की है! सट्टे के कारोबार से जुड़े जानकारो की माने तो जिले से 10 से 15 सटोरिए क्रिकेट कारोबार संचालित करने के लिए दुबई में है! बाद में जब पुलिस की सख्त नहीं नहीं रही तो धीरे-धीरे वापस शहर आ गए

4– एसीसीयू के काम पर सवाल

एसीसीयू की टीम ने अपराधियो को पकड़ने हाल में कोई उपलब्धि हासिल नही की है!

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प्रधान संपादक -हरबंश सिंह होरा
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