
बिलासपुर में राशन दुकान घोटाले में पहली बार F.I.R दर्ज हुई APL कार्ड को BPL कार्ड बनाकर चावल घोटाला करने वाले दुकान संचालक के खिलाफ सिविल लाइन में जुर्म दर्ज हो गया है। लेकिन FIR की भनक लगते ही दुकान संचालक रवि परियानी फरार हो गया है। अभी मामला केवल एक दुकान का सामने आया है जबकि घोटाला पूरे जिले में की गई है।
शहर में तालापारा स्थित राशन दुकान में APL राशनकार्ड को BPL राशन कार्ड में बदलकर चावल घोटाले को अंजाम दिया गया है। इस राशन दुकान में विद्यानगर, विनोबा नगर और क्रांतिनगर जैसे पाश इलाके के राशनकार्ड धारी आते है। जिन्हें राशन दुकान के चावल से कोई मतलब नहीं होता है। लगभग सभी उपभोक्ता दुकान संचालक के ऊपर छोड़ देते है राशन कार्ड भी उन्हीं के पास जमा रखते है। दुकान संचालक ने इसी का फायदा उठाते हुए APL कार्ड को BPL कार्ड में बदलवा लिए। इसके बाद BPL कार्ड से चावल उठता रहा और बाजार में बिकता रहा। दुकान संचालक कि ये हेरा फेरी का खेल पिछले ढाई, तीन साल से खेलता रहा। आपको बता दे BPL कार्ड से हितग्राही को फ्री में चावल मिलता है और APL कार्ड में 10 रुपए किलो के हिसाब से चावल दिया जाता है। सबसे चौकाने वाली बात ये है कि कार्ड धारियों को पता ही नहीं चला की कब उनका कार्ड APL से BPL वाला हो गया। जब मामला खुला और लगातार मीडिया में खबर प्रकाशित होने लगी तो पिछले दिनों कलेक्टर अवनीश शरण ने खाद्य विभाग को F.I.R दर्ज कराने के निर्देश दिए थे। पुलिस ने भी मामले की जांच की जिसमे राशन कार्ड धारी चंद्रनाथ चटर्जी, जयप्रकाश द्विवेदी, रश्मि जैन और सतीश चंद्र सूरी बयान दिया की उनके APL कार्ड को बिना उनकी जानकारी के B.P.L कार्ड में बदल दिया गया है। इस मामले में विभागीय जांच भी चल रही है। कलेक्टर के आदेश के बाद जय माता दी प्राथमिक उपभोक्ता भंडार के संचालक रवि परियानी के खिलाफ आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 की धारा 3 /7 के तहत जुर्म दर्ज कर लिया है। लेकिन F.I.R दर्ज होते ही दुकान संचालक रवि परियानी फरार हो गया है, जिसकी तलाश पुलिस कर रही है।
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