,, शहर में अतिक्रमण के खिलाफ निगम की कार्यवाही लगातार जारी है, स्मार्ट सिटी के रूप में शहर को विकसित करने के लिए बेजा कब्ज को हटाया जाना जरूरी है, चांटीडीह मेलापारा में अतिक्रमण कर झोपड़ियां बना ली गई थी, जिसे हटाने लगातार नोटिस दिया गया था, उसके बावजूद भी कब्जा नहीं हटाया गया, अंततः शुक्रवार को जेसीबी द्वारा समान खाली कर झोपड़ियो को तोड़ दिया गया है।
चांटीडीह मेला स्थल पर 1160 झोपड़ियां कब्जा कर बनाई गई थी, जिसे हटाने नोटिस दिया गया, साथ ही उन्हें अशोकनगर में अटल आवास भी आवंटित किया गया था, उसके बावजूद 746 कब्जाधारी शिफ्ट नहीं हुए, चेतावनी के बाद इन झोपड़ियां को शुक्रवार को तोड़ दिया गया, पुलिस बल की मौजूदगी में शांतिपूर्ण ढंग से कब्जा हटाया गया।इस दौरान निगम की गाड़ियों द्वारा टूटने वाले घरों के समान को भी शिफ्ट करने में मदद की गई।
वहीं कुछ कब्जाधारियों का कहना है कि उन्होंने बाकायदा यहां जमीन खरीदी थी उसके बावजूद भी निगम जबरन उन्हें यहां से हटा रहा है। निगम अधिकारियों से गुहार लगाते हुए कहा कि उन्हें दूसरी जगह जमीन दी जाए।
कब्जा हटने के बाद यहा पूरा क्षेत्र साफ सुथरा दिखाई देगा, इसके बाद शासन तय करेगा कि इस जगह का क्या उपयोग किया जाए, इसी स्थान पर प्रतिवर्ष माघी मेला भरता है, कब्जा मुक्त होने के बाद मेला का क्षेत्र भी बढ़ जाएगा, निगम अतिक्रमण प्रभारी प्रमिल शर्मा ने बताया की शांतिपूर्ण ढंग से कब्जा हटा लिया गया है।
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