

बिलासपुर,, रेलवे के बीसीएन डिपो में काम करने के दौरान करंट की चपेट में आने से अप्रेंटिस कर्मचारी प्रसाद कल की मौत हो गई, मंगलवार हुई इस घटना के बाद अप्रेंटिस में काम कर रहे छात्र आंदोलित हैं। सेफ्टी किट उचित मुआवजा और अन्य मांगों को लेकर बुधवार को एक बार फिर उसके साथियों ने रेलवे अस्पताल का घेराव कर चक्काजाम कर दिया। इधर मौके पर स्थिति को संभालने आरपीएफ के साथ जिला प्रशासन और पुलिस को तैनात किया गया है।

रेलवे के बीसीएन डिपो में करंट लगने से हुई अप्रेंटिस स्टाफ प्रसाद काले की मौत को लेकर उसके साथियों में अब भी गुस्सा भरा हुआ है। मंगलवार को रेलवे प्रशासन की ओर से एडीआरएम के आश्वासन के बाद उम्मीद जताई जा रही थी कि बीसीएन डिपो का अप्रेटीस स्टाफ आश्वस्त हो गया है लेकिन बुधवार को एक बार फिर रेलवे हॉस्पिटल का घेराव कर चक्का जाम कर दिया। मृतक के साथियों ने आरोप आरोप लगाया, कि रेलवे द्वारा दिया जा रहा आश्वासन पूरी तरह से झूठा है।
बीसीएन डिपो में सेफ्टी के कोई उपाय नहीं है, सेफ्टी किट नहीं होने से ही उनके साथी गजानन की मौत हुई है, वही मृतक के परिजनों को उचित मुआवजा व अन्य मदद देने पर भी रेलवे प्रशासन हिला हवाला करने का आरोप लग रहा है। इस मामले में रेलवे अफसरों का कहना है, कि मृतक के परिवारजनों से बात हो गई है, मामले की जांच के बाद दोषियों की कार्रवाई की जाएगी, साथ ही उन्हें रेलवे के नियमों के मुताबिक मुआवजा दिया जा रहा है।

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