
बिलासपुर,,, मस्तूरी क्षेत्र में शिक्षक को गुरु माना जाता है लेकिन आज के दौर में शिक्षक किस तरह से शिक्षा को कलंकित कर रहे हैं इसका उदाहरण मस्तूरी क्षेत्र के कटहा में देखने को मिला। जहां एक शासकीय स्कूल के शिक्षक ने बच्चों को पान दुकान से गुटका लाने के लिए भेज दिया जो बच्चा स्कूल में शिक्षा लेने के लिए पहुंचता है उसे इस तरह से एक शिक्षक के द्वारा ही अगर बीड़ी गुटखा, सिगरेट, तंबाकू जैसी नशीली वस्तुओं को लाने भेजा जाएगा तो फिर आप खुद ही समझ सकते हैं की स्कूल की शिक्षा प्रणाली और वार्षिक चक्र कैसा होगा सरकार के नियम के मुताबिक स्कूल के 100 मीटर के अंदर किसी भी तरह की कोई नशीली वस्तुओं की दुकान नहीं होनी चाहिए लेकिन जिस तरह से ग्रामीण क्षेत्रों में स्कूल के पास ही इस तरह की वस्तुएं देखने को मिल रही है वह प्रशासनिक स्तर पर चुनौती दे रही है शान भले ही कितना भी प्रयास क्यों न कर ले लेकिन जब तक फील्ड पर मौजूद अधिकारी कर्मचारी उसे अमल पर नहीं लेंगे तब तक इसी तरह से नियम टूटे रहेंगे और शिक्षा का मंदिर उपेक्षा का शिकार होता रहेगा इस मामले में उसे शिक्षक पर भी कार्रवाई जरूरी है जिसने उक्त बच्चों को इस तरह की नशीली वस्तु लाने के लिए दुकान में भेजा था। हालांकि यह मामला सामने आने के बाद अब परिजनों में भी आक्रोश है और वह ऐसे शिक्षक पर कठोर कार्रवाई की मांग कर रहे हैं ताकि आगे से जो अभिभावक अपने बच्चों को एक बेहतर भविष्य बनाने स्कूल भेज रहे हो उसे इस तरह का अगर ज्ञान मिलेगा तो फिर उसका भविष्य कैसा होगा यह समझ जा सकता है।
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