
रायपुर,,,, राजधानी रायपुर में गरीब महिलाओं को रोजगार दिलाने का झांसा देकर ठगी करने वाली समाज सेवीका शोभा ठाकुर को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। ठाकुर को गिरफ्तार करने के बाद पुलिस ने उन्हें एक दिन के रिमांड पर पूछताछ के लिए लिया है। पूरे मामले की जांच कर रही पुरानी बस्ती पुलिस ने पाया की शोभा ठाकुर महिलाओं का खाता खुलवाकर उन खातों को सटोरियों को बेच देती थी, जिसके एवज में उन्हें एक खाते के पीछे 40 हजार रुपए मिलते थे। वहीं सटोरी इन खातों का उपयोग सट्टे की रकम के लेनदेन के लिए करते थे। बताया जा रहा है कि इन खातों में अब तक करीब 15 करोड़ रुपए का लेनदेन हुआ है। पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि आरोपी शोभा ठाकुर ने इन खातों को किस उपलब्ध कराया है। पुरानी बस्ती पुलिस ने समाजसेवी शोभा ठाकुर से उनके फर्जी संस्थान की रसीद जब्त की है। शुरुआती जांच में सामने आया है कि करीब 300 महिलाओं के खाते खुलवाए गए हैं। पुलिस को शोभा के पास से 300 महिलाओं से संबंधित रसीद भी मिली है। पुलिस की जांच में यह बात सामने आई है कि आरोपित शोभा ठाकुर ने स्वयं को समाज सेवी बताकर शहर में अलग-अलग जगह शिविर आयोजित किए। शिविर में आने वाली महिलाओं को रोजगार दिलवाने के नाम पर कर्नाटका बैंक में खाते खुलवाए। जिसके बाद इन खातों की पासबुक, एटीएम सटोरियों को दे दिए।
Author Profile
Latest entries
Uncategorized2026.08.14साउथ बिहार में पुलिस का ‘ब्लेड वाला सफर, आजादी के जश्न से पहले स्टेशन पर तोरवा पुलिस ने मारा धावा, GRP-RPF संग चेकिंग में धारदार हथियार बरामद; बाबा धाम से बिलासपुर तक चल रहा था ‘चाकूबाजी एक्सप्रेस’ का खेल…
Uncategorized2026.08.14सिरगिट्टी में अड्डेबाजों की शामत! नशे की महफिल सजाने वालों पर पुलिस का डंडा, 7 को उठाकर मजिस्ट्रेट के दरबार में भेजा, अब गली-मोहल्ले में मस्ती नहीं चलेगी; पुलिस बोली—शांति बिगाड़ोगे तो सीधे कार्रवाई की बारी…
Uncategorized2026.08.13तारबाहर थानेदार लाइन हाजिर, मारपीट के बाद घायल अतुल गायब, दो संदिग्ध पुलिस हिरासत में, रेलवे स्टेशन छोड़ने का दावा; लेनदेन विवाद में पिटाई के बाद आखिर कहां गया अतुल? पुलिस तलाश में जुटी, थाने की कार्रवाई पर भी उठे सवाल…
Uncategorized2026.08.13नागलोक’ में फिर फुफकारा DGP का डंडा! 17.5 करोड़ के फर्जी स्नेक-बाइट मुआवजा कांड में 21 गिरफ्तारियों के बाद अब विशेष एजेंसी की एंट्री की तैयारी; छोटी मछलियां पकड़ीं, क्या जांच में ‘एनाकोंडा’ अफसरों तक पहुंचेगी?
