
बिलासपुर,,, साइबर अपराधों पर नकेल कसने में साइबर पुलिस को एक बड़ी सफलता मिली है। डॉ. संजीव शुक्ला, पुलिस महानिरीक्षक बिलासपुर रेंज, और बिलासपुर एसपी रजनेश सिंह, पुलिस अधीक्षक बिलासपुर के नेतृत्व में, साइबर थाना की टीम ने अंतर्राज्यीय साइबर ठगों के एक गिरोह का पर्दाफाश किया है। इस गिरोह के तीन शातिर अपराधियों को गिरफ्तार किया गया है, जो ऑनलाइन ठगी के जरिए लोगों से बड़ी रकम हड़पने में संलिप्त थे। इस ठगी का शिकार जयसिंह चंदेल नामक एक 71 वर्षीय सेवानिवृत्त सरकारी कर्मचारी बने, जिनसे आरोपियों ने 54 लाख से अधिक की ठगी की। आरोपियों ने पीड़ित को व्हाट्सएप के माध्यम से संपर्क किया और उन्हें अवैध पोर्नोग्राफी वीडियो अपलोड करने और मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में खाता संलिप्त होने का हवाला देकर डराया। अपराधियों ने इस धमकी का फायदा उठाकर पीड़ित से कई चरणों में लगभग 54,30,000 रुपये की ठगी की।

आरोपियों ने फर्जी सिम कार्ड और बैंक खातों का इस्तेमाल कर ठगी को अंजाम दिया। ये ठग पीड़ितों को डराने के लिए खुद को प्रवर्तन निदेशालय (ED) के अधिकारी बताकर उनसे मोटी रकम वसूलते थे। ठगी की राशि को ये अपराधी क्रिप्टोकरेंसी में बदलकर बायनेंस के माध्यम से यूएसडीटी करेंसी में परिवर्तित करते थे, जिससे उनके पकड़े जाने की संभावना कम हो जाती थी।

जांच के दौरान, बिलासपुर साइबर थाने की टीम ने संदिग्ध बैंक खातों की पहचान की और ऑनलाइन ट्रांजेक्शन के माध्यम से तकनीकी जानकारी जुटाई। इसके आधार पर, आरोपियों की गतिविधियों का पता लगाकर, टीम ने हरियाणा और राजस्थान में सटीक लोकेशन पर छापेमारी की। इसके परिणामस्वरूप तीन आरोपियों, विजय (29), अमित (23) और निखिल (18), को विभिन्न स्थानों से गिरफ्तार किया गया। इन आरोपियों ने पूछताछ के दौरान ठगी के आरोपों को स्वीकार किया।
इस पूरी कार्रवाई में साइबर थाने के प्रभारी निरीक्षक राजेश मिश्रा के नेतृत्व में एक विशेष टीम बनाई गई थी। इस टीम ने उत्तर प्रदेश, दिल्ली, हरियाणा और राजस्थान के विभिन्न स्थानों पर लगातार एक सप्ताह तक संदिग्धों का पीछा किया और उन्हें गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की।
आरोपियों से पांच मोबाइल फोन जब्त किए गए हैं, जिनका इस्तेमाल वे ठगी करने के लिए करते थे। इन्हें न्यायालय में पेश कर ट्रांजिट रिमांड पर बिलासपुर लाया गया और आगे की जांच की जा रही है। इस सफलता में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक उमेश कश्यप, अनुज कुमार और निरीक्षक राजेश मिश्रा की टीम का विशेष योगदान रहा।
यह कार्रवाई बिलासपुर पुलिस द्वारा साइबर अपराधों पर कड़ा प्रहार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इससे यह स्पष्ट होता है कि साइबर अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने और लोगों को सुरक्षित रखने के लिए पुलिस पूरी तरह से तैयार है।
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