
बिलासपुर,,, त्योहारों के मौसम में खुशियों की तैयारी के बीच बिलासपुर के तोरवा क्षेत्र में मंगलवार सुबह एक भयावह हादसा हुआ। यहां एक अवैध पटाखा गोदाम में भीषण आग लग गई, जिसने पूरे इलाके को हिला कर रख दिया। इस घटना ने स्थानीय निवासियों और व्यापारियों में हड़कंप मचा दिया, क्योंकि गोदाम में रखे पटाखों की धमाकों ने पूरे क्षेत्र को दहला दिया। यह हादसा तब हुआ जब मेन रोड पर स्थित एक रिहायशी मकान में अवैध रूप से रखे गए पटाखों में अचानक आग लग गई। यह मकान जय गणेश ट्रेडर्स नामक संस्था का था, जो पटाखों का अवैध भंडारण कर रहा था। बताया जा रहा है कि यह संस्था तीन व्यापारियों-जितेश तलरेजा, सुनील तलरेजा और रोहित तलरेजा – द्वारा संचालित की जा रही थी, जो राजकिशोर नगर के निवासी हैं।
हालांकि पटाखों का थोक गोदाम मोपका में स्थित था, लेकिन अवैध रूप से पटाखों को रिहायशी इलाके में रखा गया था। आगामी दीवाली और अन्य त्योहारों के मद्देनजर शहर के भीतर पटाखों का भंडारण किया गया था। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, आग लगने का कारण शॉर्ट सर्किट बताया जा रहा है।
जैसे ही आग लगी, पूरे इलाके में हड़कंप मच गया। पास के व्यावसायिक प्रतिष्ठानों और रिहायशी मकानों के बीच स्थित इस गोदाम में रखे पटाखों ने लगातार धमाके करना शुरू कर दिया। लोग घरों से बाहर निकलकर आग को देख रहे थे और इस भय से कांप रहे थे कि कहीं यह आग उनके घरों तक न पहुंच जाए। धमाकों की आवाज इतनी तेज थी कि दूर-दूर तक सुनाई दी। आसपास के लोग तत्काल पुलिस और दमकल विभाग को सूचना दी। आग बुझाने के लिए दो दमकल गाड़ियां मौके पर पहुंची, लेकिन आग की तीव्रता के आगे वे नाकाम साबित हो रही थीं। इसके बाद जेसीबी की मदद से गोदाम की दीवारों को तोड़कर पीछे से आग बुझाने का प्रयास किया गया। इलाके में यातायात को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने जगमल चौक और गुरु नानक चौक से ट्रैफिक को डाइवर्ट कर दिया, क्योंकि मुख्य मार्ग पर वाहनों की लंबी कतारें लग गई थीं।
अवैध रूप से पटाखों का भंडारण करना खुद में एक गंभीर अपराध है, और इस घटना ने यह साबित कर दिया कि किस तरह से यह जीवन और संपत्ति के लिए खतरा बन सकता है। घटना स्थल के आसपास रिहायशी इलाका होने के कारण स्थानीय लोग दहशत में हैं। आग से हुए धमाकों ने इलाके में डर का माहौल पैदा कर दिया है, और लोगों को चिंता हो रही है कि कहीं आग आसपास के अन्य घरों और दुकानों में न फैल जाए।
यह घटना शहर प्रशासन और पुलिस की लापरवाही को भी उजागर करती है। अवैध पटाखों का भंडारण रिहायशी और व्यावसायिक इलाकों में किया जा रहा था, जो बेहद खतरनाक साबित हो सकता है। सिर्फ 2 दिन पहले ही इसी क्षेत्र के बारदाना और फर्नीचर गोदाम में आग लग गई थी, जिसमें करोड़ों रुपए का नुकसान हुआ था। ऐसे में, प्रशासन को समय रहते कार्रवाई करनी चाहिए थी, ताकि इस तरह के हादसे रोके जा सकें।
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