
बिलासपुर,,, कलेक्टर अवनीश शरण ने कार्यालय से लम्बे से बिना सूचना नदारद कर्मचारी की बर्खास्तगी पर मुहर लगा दिया है। तीन साल परीविक्षा अवधि में नौकरी करने वाला कर्मचारी पिछले साल से नदारद चल रहा था। विभाग ने मामले में व्यक्तिगत रूप से पांच बार से अधिक बार पत्र भेजा। जवाब और पता नहीं होने के बाद आयुष अधिकारी ने कलेक्टर से अनुमति मिलने के बाद नकुल भारद्वाज को सेवा से बर्खास्त कर दिया है।
लम्बे समय से कार्यालय से नदारद आयुष विभाग के कर्मचारी नकुल भारद्वाज को कलेक्टर से मुहर लगने के बाद आयुष अधिकारी ने शासकीय सेवा से बर्खास्त कर दिया है। बर्खास्तगी के पहले जिला आयुष अधिकारी ने कलेक्टर से अनुमोदन मांगा। अधिकारी ने बताया कि नकुल भारद्वाज 2022 में औषधालय सेवक के पद पर शासकीय होम्यो अस्पताल मोपका में तैनात किया गया। नकुल भारद्वाज तीन साल की परीविक्षा अवधि में चल रहे था। बीच-बीच में गैर अनुमति के गायब रहने के बाद जून 2023 से अब तक कार्यालय से निरंतर गैरहाजिर हैं। अधिकारी ने कलेक्टर को बताया कि कार्य पर उपस्थित होने को लेकर नकुल भारद्वाज को व्यक्तिगत रूप से 5 चिट्ठी भेजा गया। इसके अलावा अखबार में सूचना प्रकाशित कर स्पष्टीकरण लेने का प्रयास किया गया। बावजूद इसके कर्मचारी की तरफ से किसी प्रकार का जवाब नहीं आया। इस दौरान कर्मचारी के खिलाफ लगाये गए आरोपों की विभागीय जांच को अंजाम दिया गया। आरोपी पुूरी तरह से सही पाया गया। मामले में कलेक्टर से अनुमोदन मिलने के बाद नकुल भारद्वाज को आयुष अधिकारी ने छत्तीसगढ़ सिविल सेवा नियम 1966 के प्रावधानों के तहत सेवा से हटा दिया गया।
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