
बिलासपुर,,, जिले भर की आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओ ने शुक्रवार को अपनी 8 सूत्रीय मांगो को लेकर जिला मुख्यालय में धरना प्रदर्शन करते हुए प्रधानमंत्री/मुख्यमंत्री के नाम कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा
आंगनबाड़ी कार्यकर्ता सहायिका सयुक्त मंच छत्तीसगढ़ के बैनर तले शुक्रवार को प्रदेश भर की लगभग 1 लाख आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओ ने अपनी 8 सूत्रीय मांगो को लेकर अपने अपने जिला मुख्यालय में धरना प्रदर्शन की। बिलासपुर जिले में भी लगभग 5000 आंगन बाड़ी कार्यकर्ता कार्यरत है। जो इस आंदोलन में बड़ी संख्या में शामिल हुए। जिसके लिए आज सुबह 11 बजे से ही अगनबाड़ी कार्यकर्ता नेहरू चौक, धरना स्थल बड़ी संख्या में पहुंचे हुए थे। जहां वे सभी जम कर केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी की और दोपहर को रैली निकाल कर कलेक्टर पहुंची। जहां उन्होंने प्रधानमंत्री के नाम अपनी मांगो को लेकर कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा।

जिसमें उनकी प्रमुख 8 सूत्रीय मांगे इस प्रकार है…
1, नियमितीकरणः पंचायती राज के अधीन छत्तीसगढ़ राज्य में पंचायत कर्मी, शिक्षा कर्मी, स्वास्थ्य कर्मी, पंचायत सचिवों जैसे मानसेवियों को सरकार नीति बनाकर उन्हें नियमित (शासकीय कर्मचारी) कर चुकी है, लेकिन हम आंगनबाड़ी कार्यकर्ता विगत 50 सालों से कार्यरत है लेकिन हम आज भी मानसेवी नहीं है। आपसे हमारी अनुरोध है कि सभी आंगनबाडी कार्यकर्ताओं को नियमित करते हुये शासकीय कर्मचारी घोषित किया जावे।
2 जीने लायक वेतनः शासकीय कर्मचारी घोषित करने तक आंगनबाड़ी कार्यकर्ता को 21000/- और सहायिका को 17850/- जीने लायक वेतन स्वीकृत किया जावे। साथ ही वर्तमान में कार्यकर्ताओं को प्राप्त मानदेय 10000/- रूपये का 85 प्रतिशत राशि सहायिकाओं के लिये स्वीकत किया जाये।

3.सेवा निवृत्ति पश्चात पेंशन ग्रेज्युटीः 35-40 वर्ष विभाग की सेवा करने के बाद भी बुढ़ापे के समय जीवन यापन हेतु ना तो कोई पेंशन मिल रहा है और ना ही एकमुश्त राशि। कार्यकर्ता को 10000/- और सहायिका को 8000/- मासिक पेंशन और बुढ़ापे के शेष जीवन यापन के लियेकर्ता को 05 लाख रूपये और सहायिका को 04 लाख रूपये एक मुश्त ग्रेज्युटी राशि प्रदान किया जाये।

4.समूह बीमा योजना लागू करनाः- भविष्य की सुरक्षा के लिये आंगनबाड़ी कार्यकर्ता सहायिका को समूह बीमा योजना (GIS) में जोड़ा जावे। इस हेतु नीति निर्धारण किया जावे।
5.अनुकम्पा नियुक्तिः – कार्यकर्ता सहायिका के आकस्मिक मृत्यु होने पर परिवार के एक सदस्य को अनुकम्पा नियुक्ति दिया जावे।
6.मंहगाई भत्ताः- मानदेय को मंहगाई भत्ता के साथ जोड़ा जाए मंहगाई भत्ता स्वीकृत किया जावे।
7.पदोन्नति बाबत्ः – वर्षों से अल्प मानदेय में कार्यरत आंगनबाड़ी कार्यकर्ता सहायिकाओं को पदोन्नति के पद रिक्त होने के बाद भी 50 प्रतिशत का प्रतिबंध होने के कारण इन्हें इसका लाभ नहीं मिल रहा है। 50 प्रतिशत का बंधन को समाप्त किया जाए और कार्यकर्ता को बिना उम्र बंधन के वरिष्टता क्रम में बिना परीक्षा के सुपरवाइजर के रिक्त शत प्रतिशत पद पर लिया जावे। इसी तरह सहायिकाओं को भी 50 प्रतिशत के बंधन को समाप्त कर कार्यकर्ता के पद रिक्त होने पर शत प्रतिशत वरिष्टता क्रम में कार्यकर्ता के पद पर पदोन्नति किया जाये।
8 सभी केन्द्रों में गैस सिलेण्डर और चूल्हा प्रदान किया जावे और इसकी नियमित रिफिलिंग की व्यवस्था सुगम बनाया जावे।
उन्होंने कहा कि बढ़ते मंहगाई के इस दौर में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता सहायिका आर्थिक रूप से, मानसिक रूप से परेशान है, विभागीय काम के अलावा भी कई सारे काम उनसे लिया जाता है जिसके कारण विभागीय काम में बाधा उत्पन्न होती है। अतः उनके विभाग के अलावा अन्य कार्य उनसे न लिए जाए।
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