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21 Jan 2026, Wed

A.C.B के बिछाए जाल में फंसा हथकरधा विभाग के निरीक्षक, 50 हजार रुपये रिश्वत लेते गिरफ्तार….

बिलासपुर,,,भ्रष्टाचार के विरुद्ध एसीबी /आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो द्वारा लगातार चलाए जा रहे व्यापक अभियान के क्रम में नए साल 2025 में पहली ट्रैप कार्यवाही का आगाज करते हुए आज दिनांक 7.8.24 को एसीबी इकाई बिलासपुर को जांजगीर चांपा जिले के हथकरघा विभाग के वरिष्ठ निरीक्षक हरेकृष्ण चौहान को 50000रुपए रिश्वत लेते हुए पकड़ने में सफलता हासिल हुई।घटना का विवरण इस प्रकार है कि दिनांक 31.12.24 को ग्राम केरा जिला जांजगीर निवासी महेंद्र देवांगन जो कि पूर्व में छत्तीसगढ़ हथकरघा संघ के डायरेक्टर रह चुके हैं के द्वारा एसीबी इकाई बिलासपुर में इस आशय की शिकायत की गई थी कि जिला जांजगीर चांपा स्थित तीन हथकरघा बुनकर सहकारी समिति (महामाया बुनकर सहकारी समिति मिस्दा ,लक्ष्मी कोसा बुनकर सहकारी समिति खोखरा,बजरंग बुनकर सहकारी समिति खोखरा )जहां कार्य निष्पादन बंद था उन समितियों को बहाल करने के लिए संबंधित बुनकर सहकारी समिति के पदाधिकारियों के द्वारा छत्तीसगढ़ राज्य हथकरघा विपणन एवं सहकारी संघ रायपुर को आवेदन दिया गया था जिस पर रायपुर से उक्त तीनों समिति के स्टॉक आदि की जांच कर रिपोर्ट शीघ्र भेजने का निर्देश सहायक संचालक हथकरघा जांजगीर चांपा को प्राप्त हुआ था।। जांच रिपोर्ट को जल्द बनवाने के लिए उक्त तीनों समिति के पदाधिकारियों द्वारा उसे अधिकृत किया गया था।। उसके द्वारा उक्त तीनों समिति के स्टॉक आदि की शीघ्र जांच कर रिपोर्ट रायपुर भेजने हेतु निवेदन किए जाने पर हथकरघा विभाग जांजगीर चांपा के वरिष्ठ निरीक्षक हरिकृष्ण चौहान द्वारा उससे 2 लाख रुपए तक की राशि रिश्वत के रूप में मांग की जा रही है पर वह रिश्वत नहीं देना चाहता बल्कि रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ श्री चौहान को पकड़वाना चाहता है जिस पर शिकायत का सत्यापन कराए जाने पर शिकायत कर्ता की शिकायत सही पाई गई तथा रिश्वत में 175000 रुपए लेने हेतु सहमति आरोपी द्वारा दी गई थी।।रिश्वत में मांगी गई रकम में से व्यवस्था हुई 50000रुपए की प्रथम किश्त देने के लिए आज प्रार्थी को जिला हथकरघा विभाग जांजगीर चांपा के कार्यालय लक्षनपुर भेजा गया जहां प्रार्थी से रिश्वत राशि 50000 रुपए लेने पर आरोपी हरिकृष्ण चौहान को बिलासपुर एसीबी की टीम के द्वारा पकड़ लिया गया।

अचानक हुई इस कार्यवाही से आसपास में हड़कंप मच गया।पकड़े गए आरोपी से रिश्वत की रकम बरामद की जाकर एसीबी के द्वारा उसके विरुद्ध धारा 7 भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 के तहत कार्यवाही की जा रही है तथा कार्यवाही उपरांत आरोपी को न्यायालय में पेश करने की कार्यवाही की जायेगी।। गौरतलब है कि एसीबी के द्वारा भ्रष्ट अधिकारियों /कर्मचारियों के खिलाफ लगातार कार्यवाही की जा रही है । एसीबी सूत्रों ने स्पष्ट संकेत दिया है कि भ्रष्टाचार के खिलाफ यह कार्यवाही सतत जारी रहेगी।

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प्रधान संपादक -हरबंश सिंह होरा
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