
बिलासपुर,,, एक चौंकाने वाली घटना में, बिलासपुर के टाटा फायनेंस कंपनी के कर्मचारियों द्वारा ट्रेलर के मालिक को धमकियां देने और किश्त जमा नहीं होने पर उसकी ट्रेलर को रास्ते से लूटकर ले जाने की घटना सामने आई है! इस मामले में ट्रांसपोर्टर देवेंद्र साहू ने कोनी थाना में शिकायत दर्ज कराई है! पुलिस ने शिकायत के आधार पर बीएनएस की धारा 309 के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है! यह घटना बिलासपुर के रायगढ़ जिले के बोइरदादर निवासी ट्रांसपोर्टर देवेंद्र साहू के साथ घटी है! जो अपने मामी के ट्रेलर को पावर आफ अर्टानी के तहत चला रहे थे!
देवेंद्र साहू ने बताया कि वह अपने ट्रेलर का इस्तेमाल कोयले की ट्रांसपोर्टिंग में कर रहे थे! कुछ समय से वह आर्थिक समस्याओं का सामना कर रहे थे! जिसके कारण वह लोन की किश्तें समय पर जमा नहीं कर पा रहे थे! देवेंद्र ने अपनी कठिनाईयों के बारे में कंपनी के अधिकारियों को सूचित भी किया था! इसके बावजूद, कंपनी के कर्मचारी लगातार दबाव बना रहे थे! कि वह शीघ्र किश्तों का भुगतान करें! यह दबाव दिन-प्रतिदिन बढ़ता जा रहा था! लेकिन कुछ कारणों से वह समय पर किश्त जमा नहीं कर पा रहे थे!
कंपनी के कर्मचारियों द्वारा देवेंद्र साहू पर लगातार मानसिक दबाव डाले जाने के बावजूद, जब किश्तें जमा नहीं हो पाईं! तो कर्मचारियों ने ट्रेलर को रास्ते से जबरन ले जाना शुरू कर दिया! इस घटना में ट्रेलर को लूटने का आरोप कंपनी के कर्मचारियों पर लगाया गया है! देवेंद्र ने जब यह देखा कि उनके ट्रेलर को बिना उनकी अनुमति के ले जाया जा रहा है! तो उन्होंने कोनी थाना में इसकी शिकायत दर्ज कराई!
पुलिस ने देवेंद्र की शिकायत के बाद मामले की गंभीरता को समझते हुए! तत्काल कार्रवाई करते हुए बीएनएस की धारा 309 के तहत मामला दर्ज किया है! इस धारा के तहत आरोपियो के खिलाफ सख्त कानूनी कार्यवाही की जाएगी! पुलिस ने कहा है! कि मामले की जांच की जा रही है! और दोषी कर्मचारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी!
देवेंद्र साहू ने अपनी शिकायत में यह भी कहा कि फायनेंस कंपनी ने उन्हें पहले ही स्थिति के बारे में सूचित किया था! और वह समय पर भुगतान करने की पूरी कोशिश कर रहे थे! लेकिन कंपनी के कर्मचारियों के दबाव और मानसिक उत्पीड़न के कारण वह अपनी कठिनाईयों को सही तरीके से समझाने में असमर्थ रहे! अब इस घटना ने न केवल देवेंद्र की पेशेवर जिंदगी को संकट में डाला है! बल्कि इसने फायनेंस कंपनी के कर्मचारियों के द्वारा की गई अवैध कार्रवाई को भी उजागर किया है!
इस घटना से यह भी साफ होता है! कि फायनेंस कंपनियों को अपने ग्राहकों के साथ पारदर्शिता और समझदारी से पेश आना चाहिए! ताकि वे वित्तीय कठिनाइयों का सामना करने के बावजूद किसी प्रकार की अवैध गतिविधियों का शिकार न हों! मामले की जांच पूरी होने के बाद यह स्पष्ट होगा कि इस पूरी घटना के पीछे किसकी गलती है! और दोषियों के खिलाफ क्या कार्रवाई की जाएगी!
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