
बिलासपुर,,, शहर के सरकंडा थाने से कुछ ही कदमों की दूरी पर स्थित एक ढाबे में खुलेआम शराब परोसी जा रही है! और यह घटनाक्रम अब सोशल मीडिया पर वायरल हो चुका है! यह मामला न केवल स्थानीय पुलिस की कार्यशैली पर सवाल खड़ा करता है! बल्कि शराब की अवैध बिक्री और पुलिसकर्मियों के बीच कथित मिलीभगत की ओर भी इशारा करता है!

जानकारी के अनुसार, यह ढाबा हर रोज ग्राहकों को शराब परोसने में लिप्त है! ढाबे पर न केवल स्थानीय लोग, बल्कि बाहर से आने वाले लोग भी शराब का सेवन कर रहे हैं! इस ढाबे की खास बात यह है! कि यहां शराब पीने की गतिविधि कोई छुपी हुई बात नहीं है! बल्कि यह खुलेआम हो रही है! हालाँकि, यह स्थान सरकंडा थाने के नजदीक है! जहां नियमित रूप से पुलिसकर्मियों का आना-जाना होता है! लेकिन अब तक इस ढाबे के खिलाफ कोई कड़ी कार्रवाई नहीं की गई है!

इस ढाबे की गतिविधियों पर सवाल उठने के बाद, सोशल मीडिया पर एक वीडियो भी वायरल हो गया है! जिसमें देखा जा सकता है! कि ढाबे में शराब की खुलेआम बिक्री की जा रही है! और लोग बिना किसी डर के शराब का सेवन कर रहे हैं! वीडियो में यह भी दिखाया गया है! कि ढाबे में मौजूद लोग शराब पीने के बाद वहां के माहौल को सामान्य रूप से ले रहे हैं! जैसे यह कोई अपराध न हो!
स्थानीय नागरिकों का कहना है! कि यह ढाबा पिछले कुछ समय से इस तरह की गतिविधियों को अंजाम दे रहा है! और पुलिसकर्मियों के नियमित दौरे के बावजूद, कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है! इस ढाबे के संचालक और पुलिसकर्मियों के बीच कथित मिलीभगत के कारण लोग इसे लेकर निराश हैं! सूत्रों का कहना है! कि ढाबा संचालक और पुलिसकर्मी आपस में अच्छे संबंध रखते हैं! जिससे यह संभव हो पा रहा है! कि ढाबे में शराब परोसने की अवैध गतिविधियां बिना रुकावट के चल रही हैं!
इसके अलावा, पुलिस विभाग की ओर से इस मामले में कोई आधिकारिक बयान भी नहीं आया है! जिससे यह स्थिति और भी संदिग्ध हो गई है! स्थानीय लोग और मीडिया इस मामले पर लगातार सवाल उठा रहे हैं! लेकिन प्रशासनिक स्तर पर अभी तक इस पर कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है!
इस स्थिति ने शराब के अवैध कारोबार पर भी नए सवाल खड़े कर दिए हैं! ढाबे में शराब परोसने का मामला केवल स्थानीय स्तर पर ही नहीं, बल्कि समाज के विभिन्न हिस्सों में चर्चा का विषय बन चुका है! कुछ लोगों का मानना है! कि अगर इस तरह के मामलों में अधिकारियों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं होती! तो यह समाज के लिए एक खतरनाक संकेत हो सकता है! क्योंकि यह अवैध शराब की बिक्री को बढ़ावा देता है! और शराब सेवन की संस्कृति को भी बढ़ावा मिलता है!
अब यह देखना होगा! कि स्थानीय प्रशासन और पुलिस इस मुद्दे पर कब तक कोई प्रभावी कदम उठाती है! क्या इस ढाबे के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी! या पुलिसकर्मियों और ढाबे संचालक की मिलीभगत के कारण यह मामला ठंडे बस्ते में चला जाएगा! समय बताएगा कि इस मामले का क्या परिणाम होगा! लेकिन फिलहाल यह घटना यह सिद्ध करती है! कि कभी-कभी स्थानीय अधिकारियों की मिलीभगत अपराधियों को बचाने का काम करती है! और समाज में अवैध गतिविधियाँ फलने-फूलने लगती हैं!
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