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30 Jan 2026, Fri

डीजे ने केंद्रीय जेल में जातिगत भेदभाव को लेकर किया निरीक्षण, एसपी, कलेक्टर, स्वास्थ अधिकारी औऱ समाज कल्याण की संयुक्त संचालक थे, मौजूद…

बिलासपुर,,, केंद्रीय जेल में जातिगत भेदभाव को लेकर एक पिटीशन हाई कोर्ट में दाखिल की गई थी! जिसके बाद जिला एवं सत्र न्यायाधीश सिराजुद्दीन कुरैशी, बिलासपुर कलेक्टर अवनीश कुमार शरण, एसपी रजनेश सिंह, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी प्रमोद तिवारी, और समाज कल्याण विभाग की संयुक्त संचालक श्रद्धा मैथ्यू की टीम ने जेल का निरीक्षण किया! इस निरीक्षण का उद्देश्य न केवल जातिगत भेदभाव की संभावना की जांच करना था! बल्कि जेल में कैदियों के स्वास्थ्य, सुरक्षा और उनके समग्र रखरखाव को लेकर भी विचार विमर्श करना था!

जेल में कैदियों की सुरक्षा और उनकी सुविधाओं की स्थिति की समीक्षा करते हुए जिला प्रशासन और संबंधित अधिकारियों ने यह सुनिश्चित किया कि सभी कैदी समान और न्यायसंगत तरीके से व्यवहार प्राप्त करें! और जेल प्रशासन जातिगत भेदभाव को पूरी तरह से नकारे! बिलासपुर केंद्रीय जेल में कैदियों की जाति, धर्म या समुदाय के आधार पर भेदभाव की कोई सूचना नहीं मिली! लेकिन अधिकारियों ने यह संकेत दिया कि यदि कोई ऐसी शिकायत आती है! तो उसे गंभीरता से लिया जाएगा और त्वरित कार्रवाई की जाएगी!

इस मौके पर मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी प्रमोद तिवारी ने जेल में कैदियों के स्वास्थ्य से जुड़ी मुद्दों पर चर्चा की! उन्होंने बताया कि आने वाले दिनों में जेल के भीतर एक स्वास्थ्य शिविर का आयोजन किया जाएगा! जहां कैदियों का स्वास्थ्य परीक्षण किया जाएगा! यह शिविर उन कैदियों के लिए महत्वपूर्ण होगा! जिन्हें पहले किसी प्रकार की स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध नहीं हो पाई थी! इसके अलावा, जेल में मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं का समाधान भी किया जाएगा!

समाज कल्याण विभाग की संयुक्त संचालक श्रद्धा मैथ्यू ने जेल के भीतर कैदियों के सामाजिक कल्याण से जुड़े मुद्दों पर भी चर्चा की! उन्होंने जेल में सुधारात्मक कार्यक्रमों की आवश्यकता पर जोर दिया! ताकि कैदियों को रिहाई के बाद समाज में समायोजित होने में मदद मिल सके! इसके तहत, कौशल विकास, शिक्षा और मानसिक स्वास्थ्य सेवाएं जैसे पहलुओं पर विशेष ध्यान दिया जाएगा!

इस निरीक्षण से यह स्पष्ट हुआ कि जिला प्रशासन और संबंधित विभाग कैदियों के अधिकारों, उनके स्वास्थ्य, और सुधारात्मक प्रक्रियाओं के प्रति गंभीर हैं! इसके अतिरिक्त, जेल में सुधार के लिए और अधिक संसाधन उपलब्ध कराने की योजना बनाई गई! ताकि कैदियों को बेहतर जीवन यापन की सुविधा मिल सके और वे समाज में लौटकर एक सकारात्मक भूमिका निभा सकें!

संक्षेप में, यह निरीक्षण एक सकारात्मक कदम था! जो जेल प्रशासन और अन्य संबंधित विभागों के बीच समन्वय को बढ़ावा देगा और यह सुनिश्चित करेगा कि जेल के भीतर सभी कैदियों के साथ समानता, सुरक्षा और स्वास्थ्य संबंधी आवश्यकताएं पूरी हों!

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प्रधान संपादक -हरबंश सिंह होरा
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