
मुंगेली,,, जिले के सरगांव स्थित ग्राम पंचायत रामबोड़ के कुसुम प्लांट में 40 घंटे लंबे रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद तीन मजदूरों के शवों को मलबे से निकाला गया! यह घटना एक साइलो हटाने के दौरान हुई! जिसमें तीन मजदूर मलबे में दब गए थे! मृतकों की पहचान जयंत साहू (बिलासपुर), प्रकाश यादव (बलौदाबाजार) और अवधेश कश्यप (जांजगीर-चांपा) के रूप में हुई! इस घटना ने न केवल स्थानीय समुदाय को बल्कि पूरे छत्तीसगढ़ को भी स्तब्ध कर दिया!

हादसे के बाद जिला प्रशासन, एसडीआरएफ और एनडीआरएफ की टीमों ने बिना रुके 40 घंटे तक रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया! इस ऑपरेशन के दौरान कलेक्टर राहुल देव और एसपी भोजराम पटेल भी मौजूद रहे! जिन्होंने अधिकारियों और बचाव कर्मियों के साथ मिलकर रेस्क्यू कार्य में सक्रिय रूप से भाग लिया! हालांकि, रेस्क्यू टीम ने पूरी मेहनत के बाद शवों को मलबे से निकाला! लेकिन मृतकों के परिजनों की प्रतिक्रिया से स्थिति और भी गंभीर हो गई!
परिजनों ने शव लेने से मना कर दिया और मृतकों के परिवारों ने प्रशासन से 50 लाख रुपये मुआवजे की मांग की! उनका कहना था! कि जब तक उनकी मांग पूरी नहीं होती, वे शव नहीं लेंगे! इस हंगामे ने प्रशासन को एक नई चुनौती दी! क्योंकि परिजनों का गुस्सा स्पष्ट था! और वे मृतक के परिवारों के लिए उचित मुआवजे की मांग कर रहे थे!
हादसे के बाद प्रशासन ने मृतकों के परिजनों से वार्ता की और उन्हें समझाने का प्रयास किया! लेकिन परिजनों की स्थिति गंभीर थी! वे यह चाहते थे! कि उन्हें न केवल मुआवजा मिले! बल्कि भविष्य में ऐसी घटनाओं से बचने के लिए कड़े कदम भी उठाए जाएं! उन्हें यह भी चिंता थी! कि क्या इस तरह के हादसे के कारण होने वाली जीवन की हानि के लिए कोई ठोस कार्रवाई की जाएगी!
मुआवजे की मांग और प्रशासन के बीच बातचीत के बाद, यह उम्मीद जताई गई! कि उचित मुआवजा और उनके भविष्य के लिए कुछ कदम उठाए जाएंगे! स्थानीय समुदाय भी इस घटना को लेकर काफी चिंतित है! क्योंकि ऐसे हादसे अक्सर श्रमिकों के जीवन को जोखिम में डालते हैं!
इस दर्दनाक घटना ने यह भी साबित कर दिया कि निर्माण स्थल और औद्योगिक क्षेत्रों में सुरक्षा की स्थिति पर ध्यान देने की आवश्यकता है! प्रशासन और कंपनियों को इस तरह के हादसों को रोकने के लिए कड़े सुरक्षा उपायों को लागू करने की आवश्यकता है! ताकि भविष्य में श्रमिकों की जान को खतरा न हो!
आखिरकार, मृतकों के परिजनों की मांग पर प्रशासन को विचार करना होगा और सुनिश्चित करना होगा कि वे अपने हक से वंचित न हों। उन्हें यथासंभव मदद मिलनी चाहिए ताकि उनके जीवन में आने वाली इस गहरी संकट की घड़ी में कुछ राहत मिल सके!
Author Profile
Latest entries
Uncategorized2026.03.19अरपा सूखी फिर भी रेत चोरी जारी, दिनदहाड़े दौड़ते ट्रैक्टर-हाइवा, तालाब भी नहीं सुरक्षित; खनिज विभाग, पुलिस और सिस्टम की चुप्पी पर उठे बड़े सवाल—आखिर किसके इशारे पर चल रहा ये बेखौफ अवैध खनन का सिंडिकेट?…
Uncategorized2026.03.18गैस माफिया पर छापा: सैकड़ों सिलेंडर बरामद! कालाबाजारी करने वालों में हड़कंप, खाद्य विभाग का सख्त संदेश—अब नहीं चलेगा खेल, नियम से लें गैस वरना होगी कार्रवाई…
Uncategorized2026.03.18बिना मंजूरी TPO नियुक्ति, छात्रों की फीस से करोड़ों का भुगतान! NSUI का आरोप—फर्जीवाड़ा बंद करो, नहीं तो होगा बड़ा आंदोलन…
Uncategorized2026.03.18सिम्स में जननी सुरक्षा का सच बेनकाब! प्रसूता को नहीं मिली बेड, निजी अस्पताल भेजने का आरोप, मीडिया पहुंचते ही खुला ‘फुल वार्ड’ का खेल, गरीब परिजन परेशान, सिस्टम पर सवाल, स्वास्थ्य सुविधाओं की हकीकत ने फिर खड़े किए गंभीर मुद्दे…
