
बिलासपुर,,, आयुष्मान योजना के तहत गड़बड़ी की शिकायतों के बाद स्वास्थ्य विभाग की राज्य स्तरीय टीम ने बिलासपुर में कई अस्पतालों पर सख्त कार्रवाई की है! छापेमारी के दौरान स्वास्थ्य विभाग को मापदंडों पर खरे न उतरने और रखरखाव में लापरवाही पाए जाने पर पांच प्रमुख अस्पतालों को 1 साल के लिए आयुष्मान योजना से बाहर कर दिया गया! वहीं, कुछ अन्य अस्पतालों को 3 से 6 महीने तक के लिए योजना से डिसइम्पेनल कर दिया गया है!

राज्य स्वास्थ्य सचिव अमित कटारिया ने हेल्थ कमिश्नर डॉ. प्रियंका शुक्ला को इन शिकायतों की जांच करने का आदेश दिया था! इसके बाद रायपुर, दुर्ग और बिलासपुर संभाग के अस्पतालों की जांच के लिए कुल 14 टीमें गठित की गईं! इन टीमों ने विभिन्न अस्पतालों का दौरा किया और मापदंडों में कमी पाए जाने पर कार्रवाई की!

जिन अस्पतालों पर कार्रवाई की गई है! उनमें बिलासपुर के नोबल हॉस्पिटल, महादेव हॉस्पिटल, श्री मंगला हॉस्पिटल, श्री कृष्णा हॉस्पिटल, और मार्क हॉस्पिटल शामिल हैं! इन अस्पतालों को 1 साल के लिए आयुष्मान योजना से बाहर कर दिया गया है! जिससे इन अस्पतालों में आयुष्मान कार्ड धारकों को इलाज की सुविधा अब उपलब्ध नहीं होगी! इसके अलावा, जुनेजा आई हॉस्पिटल, शिवशक्ति हॉस्पिटल और आराध्या हॉस्पिटल को 3-3 महीने के लिए योजना से बाहर किया गया है! वहीं, चर्चित शिशु भवन को महज चेतावनी देकर नोटिस जारी किया गया है! और भविष्य में इस तरह की गड़बड़ी की पुनरावृत्ति पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी!

स्वास्थ्य विभाग के सूत्रों के अनुसार, इन अस्पतालों में विभिन्न मानकों की अनदेखी की जा रही थी! जैसे मरीजों के इलाज के लिए आवश्यक सुविधाओं का अभाव और रखरखाव की कमी! इसके अलावा, आयुष्मान योजना के तहत मरीजों को मिलने वाली सेवाओं के लिए जरूरी उपकरण और सुविधाएं भी कई अस्पतालों में अनुपलब्ध थीं!
आयुष्मान योजना के तहत इन अस्पतालों को योजना से बाहर करने का मतलब है! कि इन अस्पतालों में इलाज के लिए आने वाले मरीजों को अब आयुष्मान कार्ड से मुफ्त इलाज की सुविधा नहीं मिलेगी! हालांकि, इस कार्रवाई के बाद स्वास्थ्य विभाग ने स्पष्ट किया है! कि जो अस्पताल सुधार करेंगे और निर्धारित मापदंडों के अनुरूप कार्य करेंगे, उन्हें फिर से योजना में शामिल किया जा सकता है!
आयुष्मान योजना का उद्देश्य गरीब और जरूरतमंद मरीजों को उच्च गुणवत्ता वाली स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना है! और इस तरह की कार्रवाई से यह सुनिश्चित किया जा रहा है! कि केवल योग्य और निर्धारित मानकों पर खरे उतरे अस्पताल ही इस योजना का लाभ उठाएं!
यह कार्रवाई स्वास्थ्य विभाग द्वारा एक सख्त संदेश के रूप में देखी जा रही है! कि आयुष्मान योजना के तहत केवल वे अस्पताल ही सेवा प्रदान कर सकते हैं! जो मानकों का पालन करते हैं! और मरीजों को गुणवत्तापूर्ण इलाज उपलब्ध कराते हैं!
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