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21 Jan 2026, Wed

दो शिक्षकों पर लगे बैड टच के गंभीर आरोप, आरोप प्रमाणित होने पर किया निलंबित…

बिलासपुर,,, छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले के दो प्राथमिक विद्यालयों के शिक्षकों पर कक्षा 5वीं की छात्राओं से अनुचित व्यवहार करने के आरोप लगे हैं! दोनों शिक्षकों के खिलाफ यह आरोप प्रमाणित होने पर जिला शिक्षा अधिकारी (डीईओ) ने उन्हें निलंबित कर दिया है!

पहला मामला विकासखंड बिल्हा के शासकीय प्राथमिक शाला आवासपारा मंगला (पासीद) में पदस्थ प्रधान पाठक रामकिशोर निर्मलकर का है!  जिन पर कक्षा 5वीं की छात्राओं के साथ बैड टच और अनुचित व्यवहार करने का आरोप लगा था!  इस मामले की जांच विकासखंड शिक्षा अधिकारी बिल्हा ने की, जिसमें आरोप सही पाए गए! आरोपों के सत्यापन के बाद जिला शिक्षा अधिकारी ने उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया! निलंबन के दौरान रामकिशोर निर्मलकर का मुख्यालय राजेंद्र नगर उच्च माध्यमिक विद्यालय, बिल्हा निर्धारित किया गया है! उनके खिलाफ विभागीय जांच भी प्रस्तावित की गई है! क्योंकि उनका यह कृत्य शिक्षकीय गरिमा और सिविल सेवा आचरण नियम 1965 का उल्लंघन था!

दूसरी घटना तखतपुर विकासखंड के शासकीय प्राथमिक शाला खुड़ियाडीह में पदस्थ सहायक शिक्षक अशोक कुमार कुर्रे के खिलाफ सामने आई! उन पर भी कक्षा 5वीं की छात्राओं से अनुचित व्यवहार करने का आरोप था! इस मामले की जांच विकासखंड शिक्षा अधिकारी तखतपुर ने की, जिसमें आरोप सत्य पाए गए!  जांच रिपोर्ट के आधार पर जिला शिक्षा अधिकारी ने उन्हें भी निलंबित कर दिया है! निलंबन के दौरान उनका मुख्यालय शासकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय, तखतपुर निर्धारित किया गया है!

दोनों मामलों में शिक्षकों द्वारा किए गए कृत्य न केवल उनके व्यक्तिगत आचरण की कमी को दर्शाते हैं! बल्कि यह बच्चों के प्रति उनके जिम्मेदार आचरण का उल्लंघन भी है! ऐसे मामलों में शिक्षकों का अनुशासन और बच्चों की सुरक्षा बेहद महत्वपूर्ण होती है! और इस प्रकार के आरोपों पर त्वरित और कड़ी कार्रवाई की आवश्यकता होती है! निलंबन के दौरान दोनों शिक्षकों को जीवन-निर्वाह भत्ता मिलेगा, लेकिन यह उनका कृत्य विभागीय जांच का विषय रहेगा!

इन घटनाओं ने एक बार फिर से यह सवाल उठाया है! कि शिक्षा क्षेत्र में कार्यरत लोगों के लिए कितनी कठोर निगरानी और पारदर्शिता की आवश्यकता है!  बच्चों के साथ ऐसी घटनाएं उनके मानसिक और शारीरिक विकास पर गहरा असर डाल सकती हैं! और इसलिए ऐसे मामलों की गंभीरता से जांच और उचित कार्रवाई की जानी चाहिए!

जिले के शिक्षा विभाग की इस सख्त कार्रवाई से यह स्पष्ट संदेश जाता है! कि बच्चों के साथ किसी भी प्रकार का अनुचित व्यवहार सहन नहीं किया जाएगा और दोषी पाए जाने पर कड़ी सजा दी जाएगी!

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प्रधान संपादक -हरबंश सिंह होरा
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