
बिलासपुर,,,, सिरगिट्टी गर्मी की छुट्टी मे बुवा के घर आए 10 वर्षीय बच्चे का शव फंदे मे लटके हुए मिलने से क्षेत्र मे सनसनी फ़ैल गई जिसने भी बच्चे का शव देखा आश्चर्य चकित हो गए घटना की जानकारी मिलने पर सिरगिट्टी पुलिस मौके पर पहुंचकर मर्ग कायम कर शव को मर्चीयूरी मे रखवा दिया है! वही मामले की जांच मे जुट गई है!

इस संबंध मे मिली जानकारी के अनुसार बेलगहना दालसागर निवासी मनमोहन सिंह पैकरा का मँझला पुत्र विवेक पैकरा उम्र 10 वर्ष अपने नैनिहाल मे कक्षा चौथी मे पढ़ाई करता था! जो सिरगिट्टी गोविन्द नगर मे अपनी बुवा तूल कुंवर पैकरा के घर गर्मी के छुट्टी के दौरान घूमने आया था! शुक्रवार की सुबह उसकी बुवा किसी काम के चलते बेलगहना के लिए निकल गई इस दौरान विवेक घर पर अकेले था! तक़रीबन 1 बजे के आस पास निगम के सफाई कर्मी गोविन्द नगर मे सफाई करने जुटे थे! उसी दौरान तूल कुंवर के मकान के सामने सफाई करते हुए कर्मी की नजर मकान के पोर्च पर गई जहाँ बच्चे की फांसी पर झूलती लाश देखी जिसकी जानकारी कर्मी द्वारा आस पास के लोगो को दी गई! जब पड़ोसी बच्चे को देखे तब सभी के पैरो तले जमी खिसक गई दरअसल बच्चे का शव पोर्च से लगे रैलिंग पर गमछे पर लटक रहा था! बच्चे की फ़ासी पर झूलने की खबर आग किं तरह फ़ैल गई मौके पर कालोनी वाशियो की भीड़ जुट गई जिसकी जानकारी लोगो नें विवेक की बुवा को दी जो तुरंत बेलगहना से घर के लिए निकल गई वही जानकारी मिलने पर सिरगिट्टी पुलिस भी मौके पर पहुंच गई। सिरगिट्टी पुलिस मर्ग कायम कर शव को पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल भेज दिया वही इस मामले की जांच मे जुट गई है।
जिसने भी देखा रहा गए चकित बोले बच्चे को इतना ज्ञान कैसे
बच्चे का शव जिस तरह लटका हुआ था लोग आश्चर्य व सकते मे थे जिस बच्चे नें अभी ठीक से दुनिया नहीं देखा भला उसे रस्सी मे गांठ बाँधने कैसे आ गया। आख़िर बच्चे नें किस लिए इस तरह अपनी जान को गवाया है। कही इसके पिछे कुछ और कारण तो नहीं हर लोगो के जुबान पर यही बात रही दरअसल उक्त मकान मे कैमरे तो लगा है परन्तु घर मे रहने वाले नें बताया की उसे सिर्फ रात्रि मे चालू की जाती है वही बच्चे का शव जिस स्थान पर झूल रहा था ठीक उससे उपर लगे कैमरे का मुँह उपर की तरफ उठा हुआ था। बहरहाल पुलिस मामले मे आत्महत्या के साथ ही अन्य बिंदु पर जांच मे जुटी हुई है।
क्या मोबाइल बना बच्चे के मौत का कारण
आज कल बच्चे अपना सब कुछ मोबाईल को ही मान लिए है मोबाइल मे देखकर बच्चे बहुत कुछ करने का प्रयास करते है जो कभी अच्छा तो हमेशा बुरा साबित होता है आज कल कई घटनाए मोबाईल के कारण हो रहा है। पालक भी बच्चों को मोबाईल से दूर नहीं रख पा रहें है इस मामले मे भी क्या मोबाइल देखकर बच्चे नें इस तरह अपनी जान गवा दी। बहरहाल बुवा के घर घूमने आए बच्चे हसीखुशी कुछ दिन यहां बिताए परन्तु नियति को कुछ और मंजूर था जिसने माता पिता से उसका आँख का तारा छीन गया।
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