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4 Feb 2026, Wed

मौत के सौदागर: गरीबों के शवों पर चल रही लूट की मंडी, मुक्तांजलि एंबुलेंस में करोड़ो का चल रहा खेल…

रायपुर छत्तीसगढ़,,,  छत्तीसगढ़ के स्वास्थ्य विभाग में एक शर्मनाक और अमानवीय घोटाला सामने आया है!जिसमें ‘मुक्तांजलि’ एंबुलेंस सेवा का इस्तेमाल कर गरीबों के शवों पर लूट मचाई जा रही है! यह सेवा जो मुफ्त में शवों को उनके घरों तक पहुंचाने का दावा करती है! अब भ्रष्टाचारियों के लिए काली कमाई का रास्ता बन गई है! फर्जी बिलिंग, झूठे नाम, ग़लत पते और किलोमीटर रीडिंग से सरकारी खजाने से करोड़ों रुपये की बंदरबांट हो रही है!

घोटाले की सच्चाई

स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों और निजी एजेंसियों के एक सिंडीकेट के साथ मिलकर यह घोटाला किया जा रहा है! घोटाले में मृतकों के नाम पर फर्जी बिल तैयार किए जा रहे हैं! जो अस्तित्व में ही नहीं है! इसके अलावा, मृतकों के शवों को मृतक होने से पहले ही उनके घर पहुंचा दिया जाता है! या फिर ऐसे लोगों के नाम पर बिल निकाल दिए जाते हैं! जिनके परिवार में किसी की मौत ही नहीं हुई!

चौंकाने वाले खुलासे:

  • केस 1: मृतक प्रिया पाढ़ो का अस्तित्व ही नहीं था!
    सरकारी रिकॉर्ड में प्रिया पाढ़ो (1 दिन का बच्चा) की मृत्यु दिखाकर उसका शव परिजनों को सौंपा गया, लेकिन जब संपर्क किया गया तो पता चला कि परिवार में किसी की मृत्यु हुई ही नहीं?
  • केस 2: मौत से पहले ही शव पहुंचाने का घोटाला!
    कौशल्या बाई का शव 4 अप्रैल 2024 को एम्स से राजनांदगांव भेजा गया था! जबकि उनकी मृत्यु 11 अप्रैल को हुई थी!
  • केस 3: फर्जी परिजन, झूठी जानकारी!
    सविता गोंड के मृत बच्चे का शव वाड्रफ नगर भेजने का दावा किया गया, लेकिन परिजनों से संपर्क करने पर पता चला कि वहां किसी की मृत्यु नहीं हुई!
  • केस 4: कब्र से पहले यात्रा!
    समा बाई (84) का शव 4 अप्रैल 2024 को एम्स रायपुर से बीजापुर भेजा गया, लेकिन असल में यह मृतक और उनका परिवार भी फर्जी था!

आंकड़े जो भ्रष्टाचार की परतें खोलते हैं:

  • हर साल 18-20 करोड़ रुपए का बजट।
  • पिछले 5 वर्षों में 100 करोड़ से अधिक खर्च।
  • 70% भुगतान बिना जांच के।
  • 38 से 40 हजार शवों को हर साल पहुंचाने का दावा।
  • हर दिन 500 कॉल्स दर्ज होती हैं।

क्या कह रहे हैं अधिकारी?

स्वास्थ्य विभाग के नोडल अधिकारी डॉ. कमलेश जैन ने इस घोटाले पर कहा, “मामले में मैं कुछ नहीं कह सकता, आप आला अधिकारियों से बात करें!” यह बयान स्पष्ट रूप से दिखाता है! कि यह भ्रष्टाचार केवल निचले स्तर पर ही नहीं है! बल्कि उच्च अधिकारियों तक फैल चुका है!

स्वास्थ्य मंत्री का वादा:

स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जयसवाल ने कहा, “जांच कराएंगे, दोषियों पर कड़ी कार्रवाई होगी! किसी को नहीं बक्शा जाएगा!  हालांकि, सवाल उठता है! कि क्या यह बयान केवल चुनावी वायदा  है! या इस भ्रष्टाचार पर कार्रवाई वास्तव में होगी?

सिस्टम पर गंभीर सवाल:

  • क्या सरकार इस लूट में शामिल अधिकारियों पर कार्रवाई करेगी?
  • क्या यह भ्रष्टाचार सिर्फ एक योजना तक सीमित है, या पूरी स्वास्थ्य व्यवस्था इससे ग्रस्त है?
  • क्या यह भ्रष्टाचार केवल गरीबों के शवों पर लूट तक सीमित रहेगा?

इंसानियत पर हमला:

यह सिर्फ एक घोटाला नहीं, बल्कि इंसानियत पर हमला है! जो लोग इस दुनिया से जा चुके हैं!  उनके नाम पर भी भ्रष्टाचार किया जा रहा है! यह घोटाला न केवल कानून का उल्लंघन है! बल्कि मानवीय मूल्यों का भी अपमान है!अब देखने वाली बात यह है! कि क्या सरकार इन गुनहगारों को सजा दिलवाती है! या भ्रष्टाचारियों को बचाने में जुटी रहती है!

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प्रधान संपादक -हरबंश सिंह होरा
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