
बिलासपुर,,, सरकारी कोयला खदान के आसपास पिछले कई साल से दर्जनों वैध – अवैध कोल डिपो संचालित किया जा रहा है! जबकि खदान से 25 किलो मीटर के दायरे में कोई कोल डिपो, कोयला क्रेशर प्लांट या कोल वाशरी नहीं खुल सकता! पहली बार ऐसे कोल डिपो का सर्वे करके रिपोर्ट मंगाया गया है! यदि मंत्रालय में बैठे अधिकारी सख्त हुए तो दर्जनभर कोल डिपो में ताला लग सकता है! धंधे से जुड़े लोगों का कहना है! कि सरकारी कोयला खदान से कोयला चोरी करना आसान है! इसीलिए आसपास डिपो खोले जा रहे है! इनमें से कइयों को पुलिस और जिला प्रशासन के अधिकारियों का संरक्षण प्राप्त है! जिस कोयले को लेकर कांग्रेस की सरकार में बवाल हुआ था! और कई अधिकारी लेवी वसुली के आरोप में जेल के अंदर है! सत्ता बदली लेकिन कोयला चोरों के धंधे में कोई फर्क नहीं पड़ा! जो कोयला व्यवसायी पहले सूर्यकांत तिवारी, सौम्या चौरसिया और अनिल टुटेजा को लेवी देते थे!वे भी कोयला व्यापारी अब किसी और की दे रहे है! कोयले के धंधे में सब वैसा ही चल रहा है! जैसे पहले चल रहा था! सरकार को डेढ़ साल हो गए लेकिन सरकारी खदान जमुनापाली के आसपास दर्जनभर से ज्यादा वैध – अवैध कोल डिपो चल रहे है! सभी कोल डिपो संचालक को किसी न किसी नेता, मंत्री, अधिकारी का संरक्षण प्राप्त है! यही कारण है! कि ये कोल डिपो नियम कानून को तक पर रखकर संचालित हो रहे है। जबकि नियम के अनुसार खदानों से 25 किलोमीटर के दायरे में कोई डिपो नहीं खुल सकता। इस नियम के अनुसार जमुना पाली से संदरी तक का दायरा आता है। इस बीच में दर्जनों कोल डिपो है। जिसमें से कई अवैध है। कोल माइंस रेग्युलेशन्स 2017 के मुताबिक, खदान से 25 किमी के भीतर कोई भी डिपो गैरकानूनी माना जाएगा और इसके लिए प्रति दिन ₹1 लाख तक का जुर्माना या लाइसेंस रद्द करने की कार्रवाई की जा सकती है। जानकारों की माने तो ये कोल डिपो नियम कानून की धज्जियां तो उड़ा ही रहे है। खदानों से निकलने वाले कोयले की चोरियां की कर रहे है। यही कारण है कि इस धंधे के जुड़े लोग देखते ही देखते करोड़ो में खेलने लगने लगते है और लाखों की गाड़ियों में घूमते नजर आते है। माइनिंग और पुलिस विभाग की टिम बीच बीच में जांच करती है लेकिन वह भी खानापूर्ति साबित होती है।
Author Profile
Latest entries
Uncategorized2026.09.08मोपका की बेशकीमती जमीन पर फिर ‘केडिया’ का दावा, रिकॉर्ड में निगम की, जमीन पर खम्भे गड़े… हाईकोर्ट के आदेश पर खुला सीमांकन का पिटारा, निगम-राजस्व टीम ने नापी जमीन, अब रिपोर्ट बताएगी असली मालिक कौन?
Uncategorized2026.09.08श्रीराम केयर में इलाज के बाद ‘कचरे’ का खेल! सार्वजनिक जगह पर मेडिकल वेस्ट और एक्सपायरी दवाएं डंप, निगम की नजर पड़ी तो अस्पताल पर ठोंका ₹30 हजार जुर्माना, अब चेतावनी, दोबारा गलती हुई तो कार्रवाई और तगड़ी…
Uncategorized2026.09.08प्रदीप आर्य की ‘डिक्की चेकिंग’ ने खोला नशे का राज, बिरकोना रोड पर कार रोकते ही निकली ऑनरेक्स की 520 नग खेप, दो आरोपी दबोचे गए, 1.04 लाख का सिरप जब्त; दो सप्लायर अब भी पुलिस की पकड़ से बाहर…
Uncategorized2026.09.08सेंदरी के जमीन खेल में पटवारी पर मेहरबानी क्यों? 19 अक्टूबर का डेथ सर्टिफिकेट, 16 अक्टूबर का फौती प्रतिवेदन, एक माह से जांच ठंडी, कार्रवाई गायब… रसूख भारी या सिस्टम बेबस?
