
रायपुर,,,, छत्तीसगढ़ में लंबे समय से खाली चल रहे पुलिस महानिदेशक (DGP) के नियमित पद पर नियुक्ति अब अंतिम चरण में पहुंच चुकी है! संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) ने दो नामों का पैनल राज्य सरकार को भेजा है!
- अरुणदेव गौतम, वर्तमान कार्यवाहक DGP
- हिमांशु गुप्ता, 1994 बैच के वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी
सूत्रों के मुताबिक अरुणदेव गौतम का नाम सबसे प्रबल दावेदार के रूप में सामने आ रहा है! गौतम के पक्ष में सबसे बड़ा तर्क उनका अनुभव, माओवादी क्षेत्रों में सफलता, और पुलिस बल में स्थिरता बनाए रखने की क्षमता है!
अरुणदेव गौतम का प्रोफाइल:
- 1992 बैच के आईपीएस अधिकारी
- माओवादी प्रभावित क्षेत्रों में प्रभावी कमांड
- पुलिस आधुनिकीकरण और सुधारों में नेतृत्व
- वर्तमान में कार्यवाहक DGP के तौर पर कार्यरत
- राज्य सरकार की प्राथमिकता सूची में शीर्ष पर
हिमांशु गुप्ता की स्थिति:
- 1994 बैच के अधिकारी
- प्रशासनिक दक्षता और निष्पक्ष सेवा के लिए पहचाने जाते हैं
- हालांकि अनुभव और स्थिरता की कसौटी पर गौतम उनसे आगे माने जा रहे हैं
बाकी नाम क्यों हुए बाहर?
चार नामों में से जीपी सिंह को UPSC ने तकनीकी कारणों से सूची से बाहर किया, जबकि पवन देव का नाम अंतिम पैनल में शामिल ही नहीं किया गया।
DGP नियुक्ति का महत्व:
यह नियुक्ति केवल प्रशासनिक नहीं, बल्कि राज्य की सुरक्षा रणनीति, माओवाद विरोधी अभियान, और पुलिस सुधारों की दिशा तय करने वाली है। सुप्रीम कोर्ट के निर्देशानुसार यह चयन UPSC की प्रक्रिया से होकर होता है, जिसमें निष्पक्षता, सेवा रिकॉर्ड और प्रशासनिक क्षमता जैसे मानदंड तय होते हैं।
अब आगे क्या?
राज्य सरकार और गृह मंत्रालय के बीच अंतिम सहमति बनते ही अधिसूचना जारी होने की संभावना है, जिससे छत्तीसगढ़ को जल्द ही स्थायी DGP मिल जाएगा।
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