
बिलासपुर,,,,बिलासपुर में ट्रेड जेनिक्स नाम की वेबसाइट के माध्यम से शहर और प्रदेश के अन्य जिलों के निवेशकों से करीब 30 लाख 40 हजार रुपए की साइबर ठगी करने का मामला सामने आया है। जिस पर पुलिस ने एक होटल में दबिश दी, तब ठग वहां सेमिनार ले रहा था! वह लोगों को अमेरिकी डालर में निवेश करने पर दो गुना रकम मिलने का झांसा दे रहा था! पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया है! वहीं, अन्य आरोपियों की तलाश की जा रही है! मामला सिविल लाइन थाना क्षेत्र का है!
दरअसल, ग्रीन गार्डन कालोनी निवासी स्वपनिल श्रीवास्तव ने अपनी शिकायत में बताया कि अनुज मेनन नामक व्यक्ति अपने साथियों के साथ मिलकर एक वेबसाइट चला रहा है! जिसके माध्यम से वो लोगों को अमेरिकी डालर में निवेश कराने के नाम पर रोज दो प्रतिशत रिटर्न और 100 दिनों में राशि दोगुनी होने का झांसा दे रहा है। निवेश प्रणाली को ब्लाकचेन आधारित बताकर लोगों को भरोसे में लिया। उसने बताया कि ठगों ने उससे पांच लाख रुपए निवेश कराया है। इसके साथ ही अन्य 16 लोगों ने से करीब 30 लाख 40 हजार रुपए इस वेबसाइट में निवेश किया है। लालच देने दिया रिटर्न फिर नहीं दिए पैसे उसने बताया कि पैसे लगाने के बाद शुरुआत में कुछ लोगों को मामूली रिटर्न दिया गया। ताकि, लालच में आकर लोग उससे जुड़े। लेकिन, कुछ समय बाद ही कंपनी के प्रतिनिधियों ने संपर्क बंद कर दिया और राशि लौटाना बंद कर दिया। इसी बीच पता चला कि आरोपी अनुज मेनन सिविल लाइन क्षेत्र के सिल्वर ओक होटल में नए निवेशकों को जोड़ने के लिए सेमिनार कर रहा है। तब स्वपनिल और उसके साथी होटल पहुंचे। उन्होंने अपने रुपये वापस मांगे तो वह गोलमोल जवाब दे रहा था। उसने और लोगों को जोड़ने पर पूरी राशि वापस करने का झांसा भी दिया। पुलिस ने दी दबिश, आरोपी को किया गिरफ्तार जिसके बाद निवेशकों ने पूरे मामले की जानकारी सिविल लाइन थाने में दी। जिस पर पुलिस की टीम ने होटल में दबिश दी, जहां अनुज मेमन को पकड़ लिया गया। पुलिस ने उससे पूछताछ की, तब पता चला कि कोलकाता में रहने वाले बिमन दास और गुजरात का लारसन पटेल इस पूरे गिरोह के मास्टरमाइंड हैं। इस मामले की शिकायत पर पुलिस ने केस दर्ज कर अनुज मेनन को गिरफ्तार कर लिया है। वहीं, गैंग के मास्टर माइंड सहित अन्य की तलाश की जा रही है।
Author Profile
Latest entries
Uncategorized2026.09.07दिल्ली हादसे से भी नहीं जागा निगम, जर्जर भवन बना मौत का झूलता झूला, एक गिरा तो तीन खतरे में… आवेदन घूम रहा दफ्तर-दफ्तर, अफसर बोले—“हमको नहीं पता” गली बंद, खतरा बरकरार… हादसा हुआ तो जिम्मेदार कौन?
Uncategorized2026.09.07छापे की खबर क्या उड़ी, शटर ऐसे गिरे जैसे दुकान नहीं राज का राज खुलने वाला हो, जरहाभाठा से सिंधी कॉलोनी तक कपड़ों का बाजार अचानक गायब—खबर लीक हुई या अफवाह ने उड़ाई दुकानदारों की नींद?
Uncategorized2026.09.06बिलासपुर में घुसपैठियों पर पुलिस का शिकंजा, 23 संदिग्धों की ‘कागजी कुंडली’ खंगालने STF मैदान में, मुर्शिदाबाद तक पहुंची टीम—दस्तावेजों का हिसाब साफ होने तक रायपुर डिटेंशन सेंटर में ठहराव, सूचना के लिए टोल-फ्री नंबर भी जारी….
Uncategorized2026.09.06मुंगेली में ‘मिठाई’ का हिसाब कौन देगा? CEO गोकुल रावटे और पूर्व DPRO सुजीत सिंह पर 35 लाख के कथित खेल का आरोप! पत्रकारों के नाम पर ‘सौजन्य’ या विभागों से वसूली? शिकायत पहुंची CM तक, अब खुलासे का इंतजार….
