Breaking
29 Jan 2026, Thu

नक्सली हिंसा में शहीद पुलिसकर्मियों के परिजनों को अब अन्य विभागों में भी अनुकम्पा नियुक्ति, राज्य मंत्रिपरिषद का मानवीय और ऐतिहासिक निर्णय…

बिलासपुर,,, राज्य शासन द्वारा नक्सली हिंसा में शहीद हुए पुलिस सेवकों के परिजनों के हित में एक महत्वपूर्ण और मानवीय निर्णय लिया गया है! विगत दिनों मंत्रिपरिषद ने “एकजाई पुनरीक्षित अनुकम्पा नियुक्ति निर्देश-2013” की कंडिका 13(3) में संशोधन को मंजूरी दी है!
उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि शहीद हमारे समाज की अमूल्य धरोहर हैं! उन्होंने अपने प्राणों की आहुति देकर प्रदेश और देश की रक्षा की है! उनके परिजनों को केवल विकल्पहीन नियुक्ति देना न्यायसंगत नहीं था! लंबे समय से शहीद परिवारों की इस मांग को हमने सरकार के समक्ष पूरी गंभीरता से रखा! मुझे प्रसन्नता है! कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय जी की अध्यक्षता में मंत्रिपरिषद ने इस निर्णय को पारित किया है! अब शहीदों के परिजनों को विभाग चुनने का अधिकार मिलेगा! जिससे उनकी सुविधा और सम्मान दोनों सुनिश्चित होंगे!
उन्होंने जानकारी देते हुए बताया कि इस संशोधन के अनुसार, अब नक्सली हिंसा में शहीद हुए पुलिस सेवकों के परिजनों को अनुकम्पा नियुक्ति केवल पुलिस विभाग तक सीमित नहीं रहेगी! बल्कि वे राज्य शासन के किसी भी विभाग में, किसी भी जिला अथवा संभाग में अनुकम्पा नियुक्ति प्राप्त कर सकेंगे! पूर्व में यह प्रावधान था! कि अनुकम्पा नियुक्ति उसी विभाग में दी जाए! जिसमें दिवंगत शासकीय सेवक सेवारत था! परंतु शहीदों के परिजनों की लगातार मांग को ध्यान में रखते हुए राज्य सरकार ने इस नीति में संशोधन कर यह विकल्प प्रदान किया है!
उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा की पहल पर इस निर्णय को मुख्यमंत्री विष्णु देव साय जी के समक्ष मंत्रिपरिषद की बैठक में प्रस्तुत किया गया!
उल्लेखनीय है कि उप मुख्यमंत्री श्री शर्मा को लगातार शहीद परिवारों और उनके संगठनों से यह मांग प्राप्त हो रही थी कि उन्हें अनिवार्य रूप से पुलिस विभाग में नियुक्ति न देकर, अन्य विभागों में भी विकल्प मिलना चाहिए। उप मुख्यमंत्री की संवेदनशीलता और सक्रियता से यह विषय मंत्रिपरिषद में लाया गया और सर्वसम्मति से निर्णय पारित हुआ।
उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कहा राज्य के शहीद परिवार ने पुलिस विभाग में अनुकम्पा नियुक्ति के साथ अन्य विभागों में नियुक्ति की मांग की थी। अब उनके लिए यह रास्ता खुल गया है, जिससे उन्हें सम्मानजनक और सुविधाजनक रोजगार का अवसर प्राप्त होगा। यह निर्णय न केवल शहीदों के बलिदान को सम्मान देने का कार्य है, बल्कि उनके परिवारों के प्रति सरकार की संवेदनशीलता और उत्तरदायित्व का भी प्रमाण है।

Author Profile

प्रधान संपादक -हरबंश सिंह होरा
Latest entries

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You Missed