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21 Jan 2026, Wed

सीपत-पोंड़ी में धीवर से बैगा बनने की होड़! फर्जी जाति प्रमाणपत्र से नौकरी का खेल, सगे भाई तक बदले पहचान, धमकियों से गाँव में खौफ, कब जागेगी सरकार?

बिलासपुर,,, जिले के सीपत के पास स्थित पोड़ी गाँव इन दिनों खूब चर्चा बटोर रहा है! यहाँ लोंग अपनी मूल पहचान जाती हीं बदल दे रहें है! ये फर्जीवाड़ा लंबे समय से चल रहा है! कई तो इसी फर्जी जाती प्रमाण पत्र के सहारे नौकरी कर रिटायर भी हो गए! आपको जान कर हैरानी होंगी की यहाँ दो सगे भाई जो एक हीं माँ पिता के बेटे है! उनका भी सरनेम अलग अलग है! एक का धीवर तो दूसरा आदिवासी बैगा लिखता है! और ये बात हम नहीं कह रहें बल्कि ये अब राशन कार्ड से लेकर सरकारी दस्तावेजों में भी दर्ज हो चूका है!अजीब लगता है! जब ऐसा कही सुनने देखने मिलता है! पर ये सच है! यहाँ पत्नी धीवर तो पति आदिवासी बैगा बना बैठा है! गाँव में ऐसे तक़रीबन 55 लोंग है! जो इसी फर्जी जाती प्रमाण पत्र से छत्तीसगढ़ के अलग अलग सरकारी विभागों में नौकरी कर रहें है! और आदिवासियों की हक लूट कर बड़े मजे से जिंदगी बिता रहें है! पर ताज्जुब इस बात की है! की सरकार यहाँ आज भी जाँच नहीं करा रही है! गाँव वाले भी चाहते है! इसकी गहन जाँच हो और सब फर्जी लोंग पकड़े जाए और इनका पूरा गिरोह का पर्दाफास हो पर अभी तक ना हीं बिलासपुर जिले के अधिकारीयों नें और ना हीं राज्य सरकार नें आदिवासियों की लुटती हक की कोई पड़ताल कराई है!

गाँव वालों की मिलती धमकी…

इस फर्जीवाड़े और धीवर से आदिवासी बैगा जाती में जानें वाले लोंग गाँव में जो भी इसकी शिकायत या जानकारी किसी क़ो देते है तो उसका जीना मुश्किल कर देते है जो भी जानकारी किसी क़ो देता है उसको जान से मारने की धमकी दी जाती है जिसके कारण गाँव में कोई आवाज नहीं उठा पा रहा पर ये मामला अब पुरे बिलासपुर जिले में चर्चा में बना हुआ है अब तो कुछ समाज के लोंग भी इसको लेकर आवाज बुलंद करने और फर्जी लोगों क़ो जो फर्जी तरीके से धीवर से आदिवासी बैगा बने है जो मूल आदिवासियों की हक अधिकारी छीन रहें है उनके खिलाफ उचित जाँच की मांग करने की तैयारी में जुट गए है।

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प्रधान संपादक -हरबंश सिंह होरा
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