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26 Jan 2026, Mon

मात्र 950 ग्राम के जीवन की जंग जीते डॉक्टर! श्री शिशु भवन की टीम ने प्रीमैच्योर बच्चे को बचाकर रचा मेडिकल मिराकल, मॉडर्न साइंस और सेवा भावना की बनी मिसाल…



बिलासपुर,,,  श्री शिशु भवन अस्पताल ने मेडिकल जगत में एक और चमत्कार कर दिखाया है! मात्र 26 हफ्ते में जन्मे और केवल 950 ग्राम वजनी प्रीमैच्योर शिशु को, जिसकी जान बचने की उम्मीद बहुत ही कम थी! सफल इलाज के बाद नया जीवन दिया गया! यह शिशु चाम्पा के निवासी विवेक काले और स्वाति काले के घर जन्मा था! स्वाति काले को गर्भधारण के दौरान स्वास्थ्य संबंधी जटिलताएं आईं, जिसके चलते मात्र 6 माह में ही इमरजेंसी ऑपरेशन से प्रसव कराया गया!



बच्चा जन्म के समय सांस भी ठीक से नहीं ले पा रहा था! जिसके बाद डॉक्टर निहारिका ने उसे तत्काल बिलासपुर स्थित श्री शिशु भवन रेफर किया! यहां डॉक्टर श्रीकांत गिरी के नेतृत्व में विशेषज्ञों की टीम ने अत्याधुनिक संसाधनों जैसे अमेरिका से आयातित इनक्यूबेटर, इटली के वेंटिलेटर और मॉडर्न दवाओं के साथ इलाज शुरू किया! लगभग एक महीने तक बच्चा वेंटिलेटर पर रहा! यशोदा मदर मिल्क बैंक, जो कि श्री शिशु भवन द्वारा संचालित है! की सहायता से बच्चे को पोषण भी समय पर मिला!



58 दिनों तक चले इलाज और देखरेख के बाद अब बच्चा पूरी तरह स्वस्थ है! और उसे डिस्चार्ज कर दिया गया! यह सफलता डॉक्टर श्रीकांत गिरी, उनकी टीम, और माता-पिता के धैर्य व विश्वास का परिणाम है! श्री शिशु भवन के प्रबंधक नवल वर्मा ने जानकारी देते हुए कहा कि यह केस मेडिकल साइंस की ताकत, संसाधनों और समर्पित प्रयासों का जीता-जागता उदाहरण है!!!

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प्रधान संपादक -हरबंश सिंह होरा
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