
बिलासपुर,,, बिलासपुर के सरकंडा साइंस कॉलेज मैदान में रावण दहन को लेकर रस्साकसी देखने को मिल रही है! प्रशासन द्वारा दूसरे व्यक्ति को परमिशन देने के बाद अब अरपांचल लोक मंच संगठन इसके विरोध में उतर गया है! वहीं समिति के अध्यक्ष सिद्धांशु मिश्रा ने इसे द्वेषपूर्ण बताया है! वहीं सिद्धांशु ने प्रशासन को चैलेंज भी कर दिया है! कि यदि प्रशासन द्वारा परमिशन नहीं दी जाती है! तब भी रावण दहन वहीं किया जाएगा! भले ही इसके लिए जेल ही जाना क्यों न पड़े!
बिलासपुर में अरपा पार अरपांचल लोक मंच समिति के द्वारा विगत कई वर्षों से रावण दहन समेत अन्य संस्कृतिक आयोजन कराया जाता रहा है! इस वर्ष भी रावण दहन के लिए अरपांचल लोक मंच द्वारा रावण दहन के आयोजन के लिए प्रशासन और कॉलेज प्रबंधन को आवेदन दिया गया! लेकिन कार्यक्रम के लिए दूसरे व्यक्ति आबंटित कर दिया गया जिसके बाद अब प्रशासन और समिति के बीच असमंजस्य की स्थिति पैदा हो गई है!
अरपांचल लोक मंच समिति के अध्यक्ष सिद्धांशु मिश्रा ने अपने साथियों के साथ मिलकर आज पत्रकारवार्ता आयोजित किया जिसमें उन्होंने प्रशासन पर आरोप लगाते हुए दबाव में काम करने की बात कहीं.. सिद्धांशु मिश्रा ने बताया कि, अरपांचल लोक मंच द्वारा हर वर्ष सरकंडा के साइंस कॉलेज मैदान पर रावण दहन का आयोजन किया जाता है.. लेकिन इस वर्ष प्रशासन द्वारा 2 सितंबर को पत्र के माध्यम से बताया गया कि, मैदान में कार्यक्रम के लिए सिद्धार्थ भारती को परमिशन दे दिया गया है, जबकि आज तक मैदान में अरपांचल लोक मंच द्वारा आयोजन किया जाता रहा है, लेकिन अब अचानक राजेंद्र नगर में रहने वाले व्यक्ति सिद्धार्थ भारती को परमिशन दे दिया गया है, सिद्धांधु मिश्रा ने बताया कि, इस मामले में प्रशासन और पुलिस के अधिकारियों से बात की तो उन्होंने परमिशन देने के लिए दबाव होने की बात कही.. साथ ही सिद्धांशु ने कहा कि, हम इस मुद्दे को लेकर बेलतरा विधायक सुशांत शुक्ला के पास जायेंगे हालांकि उनसे संपर्क साधने की कोशिश की जा रही है..
अरपांचल लोक मंच समिति के अध्यक्ष सिद्धांशु मिश्रा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कहा कि, जिस दिन उनके द्वारा आवेदन किया गया तो सिद्धार्थ भारती के द्वारा भी कैसे आवेदन दिया गया और कॉलेज प्रबंधन जब एक आवेदन को ले चुका था, फिर दूसरे व्यक्ति का आवेदन क्यों लिया गया.. उन्होंने कहा कि, दबाव का खेल कौन खेल रहा है उसके नाम का खुलासा जल्द ही किया जाएगा.. और जरूरत पड़ी न्यायालय की शरण में जाने की तो वो भी रास्ता अपनाया जाएगा.. भले ही जेल जाना जड़े तो जायेंगे लेकिन रावण दहन का आयोजन वहीं किया जाएगा..
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