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23 Jan 2026, Fri

31 हजार कलशों से रोशन महामाया दरबार, हाथी पर सवार आईं मां, हर दिन माला का श्रृंगार, नवमी को राजश्री रूप में दर्शन, दोना-पत्तल में प्रसाद, रतनपुर में उमड़ा आस्था का सैलाब, नवरात्रि में बिखरी भक्ति की चमक…

बिलासपुर,,,, देशभर में शक्ति की उपासना का महापर्व शारदीय नवरात्रि आज से शुरू हो गया है। मां दुर्गा के जयकारों से मंदिर और पंडाल गूंज उठे हैं। बिलासपुर शहर से लेकर रतनपुर के प्रसिद्ध शक्तिपीठ महामाया मंदिर तक भक्तों का सैलाब उमड़ पड़ा है।


नवरात्र के पहले दिन सुबह छह बजे से ही देवी मंदिरों में भक्तों की भीड़ लगी रही। शुभ मुहूर्त में घटस्थापना और ज्योति कलश प्रज्ज्वलित कर श्रद्धालुओं ने मां दुर्गा का आह्वान किया। बिलासपुर समेत पूरे जिले में देवी भक्ति का अनोखा नजारा देखने को मिला।इस बार नवरात्रि खास है…

क्योंकि नौ दिन के बजाय दस दिन तक धार्मिक अनुष्ठान होंगे। मां दुर्गा का इस बार आगमन हाथी पर हुआ है, जिसे समृद्धि और खुशहाली का प्रतीक माना जाता है।रतनपुर स्थित प्रसिद्ध शक्तिपीठ महामाया मंदिर में 31 हजार ज्योति कलश प्रज्ज्वलित किए जा रहे हैं,

जिनमें 1800 आजीवन कलश भी शामिल हैं। मंदिर के पट प्रतिपदा से भक्तों के लिए खुल गए हैं और सप्तमी को 24 घंटे दर्शन की व्यवस्था होगी।नवरात्र के दौरान प्रतिदिन मां का श्रृंगार केवल माला से किया जाएगा, जबकि नवमी को मां महामाया का राजश्री श्रृंगार होगा। इस दिन माता सोने-चांदी के आभूषण और बनारसी साड़ी में अलंकृत होंगी।


नवरात्रि के पावन अवसर पर इस बार एक और पहल की गई है। प्रसाद दोना-पत्तल में ही दिया जाएगा, ताकि पर्यावरण संरक्षण भी सुनिश्चित हो सके। कुल मिलाकर, पूरे बिलासपुर और बस्तर संभाग में नवरात्रि की धूम है और मां दुर्गा के दरबार में हर दिन श्रद्धा का सैलाब उमड़ने वाला है।

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प्रधान संपादक -हरबंश सिंह होरा
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