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24 Apr 2026, Fri

SECL की खदान में बाउंसरों का कहर! महिला बाउंसरों ने किसान को पीटा, वीडियो वायरल—ग्रामीण बोले: खदान नहीं अखाड़ा चल रहा है, अब होगा बड़ा आंदोलन…


कोरबा_कुसमुण्डा,,,, SECL की कोयला खदानों में अब ठेकेदारों द्वारा “बाउंसर संस्कृति” को बढ़ावा दिए जाने से इलाके में जबरदस्त आक्रोश फैलता जा रहा है! भूविस्थापितों की जायज मांगों को दरकिनार कर अब उन्हें डराने-धमकाने के लिए महिला बाउंसरों तक का इस्तेमाल शुरू हो गया है! ताजा मामला कुसमुण्डा क्षेत्र की नीलकंठ ठेका कंपनी से जुड़ा है! जहां नौकरी की मांग को लेकर पहुंचे एक किसान को महिला बाउंसरों ने बेरहमी से पीट दिया!



प्राप्त जानकारी के अनुसार, चंद्रनगर निवासी भूविस्थापित किसान समीर पटेल पिछले एक वर्ष से नौकरी की मांग को लेकर नीलकंठ कंपनी के चक्कर काट रहे थे! जब वे एक बार फिर कार्यालय पहुंचे और कंपनी के एचआर अधिकारी मुकेश सिंह से मुलाकात की, तो विवाद बढ़ने पर महिला बाउंसरों को बुलाकर उनकी पिटाई करवा दी गई! यह पूरी घटना कैमरे में कैद हो गई! और इसका वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया!



इस घटना के बाद से इलाके में भारी तनाव फैल गया है! ग्रामीणों और प्रभावित परिवारों में आक्रोश बढ़ता जा रहा है! इससे पहले भी कई महिला भूविस्थापितों के साथ बदसलूकी और धक्का-मुक्की के वीडियो सामने आ चुके हैं! लेकिन न तो कंपनी पर कोई कार्रवाई हुई, न ही SECL प्रबंधन ने इस पर कोई प्रतिक्रिया दी!


ग्रामीणों का आरोप है! कि एक सरकारी उपक्रम होते हुए भी SECL अब ठेकेदारों के जरिए बाउंसरों से मनमानी करवा रहा है! भूविस्थापितों की आवाज दबाने के लिए ऐसे हथकंडे अपनाना सीधा कानून व्यवस्था का मखौल है!

ग्रामीणों ने चेतावनी दी है! कि अगर इस “बाउंसर राज” पर तुरंत रोक नहीं लगी, तो वे बड़े आंदोलन की राह पकड़ेंगे! अब नजरें SECL प्रबंधन पर टिकी हैं! कि वो इस मामले में कब तक चुप्पी तोड़ता है! और क्या कार्रवाई करता है!

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प्रधान संपादक -हरबंश सिंह होरा
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