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10 Mar 2026, Tue

इलाज कम, नशा ज़्यादा! जिला अस्पताल के पीछे इंजेक्शन का अड्डा—सुरक्षा गायब, गंदगी हावी और मरीज खतरे में; प्रशासन गहरी नींद में…

बिलासपुर,,,, जिला अस्पताल से एक बेहद चौंकाने वाली और खतरनाक तस्वीर सामने आई है! जहां अस्पताल का पिछला हिस्सा इन दिनों नशेड़ियों का अड्डा बन चुका है! हालत यह है! कि जहाँ मरीजों को इलाज और सुरक्षा मिलनी चाहिए… वहीं नशा करने वाले लोग खुलेआम नशीले इंजेक्शन लगा रहे हैं! जिससे अस्पताल परिसर में फैली गंदगी, सुइयां और टूटी कांच की बोतलें किसी बड़े हादसे को दावत दे रही हैं!


जिला अस्पताल के पास संचालित OST, ओपिओइड सब्स्टीट्यूशन थेरेपी सेंटर में रोज करीब 3,000 रजिस्टर्ड नशेड़ियों का इलाज होता है! लेकिन इलाज से पहले ही कई लोग सेंटर के बाहर बैठकर इंजेक्शन लगाते हैं!

जमीन पर पड़े इस्तेमाल किए गए सिरिंज, नार्फिन की बोतलें और मेडिकल वेस्ट को देखकर साफ अंदाजा लगाया जा सकता है! कि यहां आने-जाने वाले परिवार कितने बड़े खतरे के बीच से गुजरते हैं! किसी भी वक्त किसी के पैर में सुई चुभ सकती है!

जिसका खामियाजा मरीजों और परिजनों को भुगतना पड़ेगा! सबसे ज्यादा डर महिलाओं और परिवारों में है! कई बार नशे की हालत में मौजूद लोग इधर-उधर घूमते रहते हैं! जिससे अस्पताल का माहौल असुरक्षित हो जाता है! स्थानीय लोगों और स्टाफ का कहना है! कि यह स्थिति जिला अस्पताल प्रबंधन की लापरवाही का नतीजा है!

OST सेंटर अस्पताल के अधीन चलता है! इसलिए सुरक्षा, सफाई और निगरानी की जिम्मेदारी सीधे-सीधे प्रबंधन की ही बनती है! लेकिन ना सुरक्षा गार्ड तैनात हैं! ना नियमित सफाई, और ना ही नशा करने वालों पर कोई सख्त निगरानी नतीजा—पूरा परिसर कूड़े, इंजेक्शन और डर से भरा नजर आता है! लोग साफ कह रहे हैं! कि अगर अस्पताल प्रबंधक अभी भी नहीं जागा, तो हालात और भी बिगड़ सकते हैं!


अब देखने वाली बात यह होगी कि जिला प्रशासन कब इस गंभीर स्थिति पर कार्रवाई करता है! और OST सेंटर की निगरानी, परिसर की सफाई और मरीजों की सुरक्षा के लिए क्या कदम उठाए जाते हैं!फिलहाल अस्पताल आने वाले लोगों की सुरक्षा तो भगवान भरोसे है!

बाइट,,,, अभय यादव

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प्रधान संपादक -हरबंश सिंह होरा
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