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24 Jan 2026, Sat

कलेक्टर–डीईओ–आईएएस जांच कमेटी सब बेअसर, शिक्षा विभाग का ‘सुपरपावर’ बाबू आखिर सस्पेंड, महीनों ड्यूटी से गायब, ट्रांसफर आदेश को ठेंगा, सवाल कायम—इतनी ताकत आखिर देता कौन, जादू चलेगा या नोट?…


बिलासपुर,,, न्यायधानी बिलासपुर का जिला शिक्षा विभाग राजनीति का अखाड़ा बनकर रह गया है! कभी गबन तो कभी शराबी शिक्षकों तो कभी कुछ… वही अब जिला अधिकारी कार्यालय के चर्चित सहायक ग्रेड–02 विकास तिवारी के निलंबन का मामला गर्माया है! ये वही बाबू है! जिनका नाम जेडी कार्यालय के ट्रांसफर, प्रमोशन कांड में भी चर्चा में आया था! उन पर आरोपो की लंबी फेहरिस्त है! पर ताजा मामला कलेक्टर और वरिष्ठ सचिवों की समिति के नवीन पदस्थापना आदेश के बावजूद करीब 7–8 से ड्यूटी से बिन सूचना नदारदगी का है!



सहायक ग्रेड -2 विकास तिवारी के विरुद्ध गत 23 जनवरी को जारी निलंबन आदेश का जारी किया गया!


जानकारी के अनुसार कलेक्टर बिलासपुर व छत्तीसगढ़ शासन सामान्य प्रशासन विभाग के निर्देश पर बाबू विकास तिवारी का प्रशासनिक स्थानांतरण जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय से बिलासपुर से मस्तूरी विकासखंड के शासकीय लोहर्सी (सोन) स्कूल में किया गया था! करीब 6 माह पूर्व गत 1 जुलाई 2025 को उन्हें कार्यमुक्त भी कर दिया गया… पर न तो उन्होंने आज तक अपने नए पदस्थापना स्थल पर कार्यभार ग्रहण नहीं किया… और न ही उन्होंने इसकी सूचना दी!
इतना ही नही चर्चित बाबू ने अपना स्थानांतरण निरस्त कराने वरिष्ठ सचिवों की समिति के समक्ष अभ्यावेदन दिया गया था! समिति ने उच्च न्यायालय के 21 जुलाई 2025 के आदेश के अनुपालन में प्रकरण की जांच कर यह स्पष्ट किया कि स्थानांतरण नीति वर्ष 2025 का कोई उल्लंघन नहीं हुआ है! और अभ्यावेदन को अमान्य करने की अनुशंसा की गई! इसके बावजूद उन्होंने आदेशों की अवहेलना जारी रखी और लंबे समय तक अनाधिकृत रूप से अनुपस्थित रहे!
विभागीय सूत्रों के मुताबिक इसे छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (आचरण) नियमों के तहत गंभीर कदाचार मानते हुए तथा छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियम 1966 के अंतर्गत निलंबन की कार्रवाई की गई है! निलंबन अवधि में उनका मुख्यालय विकासखंड शिक्षा अधिकारी मस्तुरी कार्यालय तय किया गया है! और उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता मिलेगा!
गौरतलब है! कि विधानसभा चुनाव से पहले बिलासपुर संभाग में शिक्षकों की ट्रांसफर–पोस्टिंग को लेकर बड़े पैमाने पर अनियमितताओं के आरोप लगे थे!  जेडी कार्यालय में करोड़ों रुपये की कथित अवैध उगाही किस कदर चर्चा में कितनी फजीहत हुई ये बात भी किसी से छिपी नही है! बताया जा रहा कि  एक नही 4-4 जिले के जेडी निपट गए…पर बाबू का बाल बांका नही हुआ…
अब क्या होगा नोट चलेगा या चर्चित बाबू का जादू ये तो समय बताएगा…

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प्रधान संपादक -हरबंश सिंह होरा
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