
मुंगेली,,, जिला चिकित्सालय मुंगेली में एक ही व्यक्ति द्वारा दो अलग-अलग स्थानों पर कार्य करने का गंभीर मामला सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया है! सिविल सर्जन सह मुख्य अस्पताल अधीक्षक ने मामले को गंभीरता से लेते हुए तत्काल जांच के आदेश जारी किए हैं!
प्राप्त जानकारी के अनुसार यह मामला जिला चिकित्सालय मुंगेली में पदस्थ ओ.टी. अटेंडर (जीविस) विकास कुमार महिलांग से जुड़ा है! शिकायत में आरोप है! कि विकास महिलांग जिला अस्पताल में नियमित रूप से कार्यरत रहते हुए सेन्ट्रल बैंक ऑफ इंडिया, मुंगेली शाखा में भी कार्य कर रहा था! जो सेवा नियमों का स्पष्ट उल्लंघन है!

जांच में यह भी सामने आया है! कि विकास महिलांग ने अपने दस्तावेजों का उपयोग कर अपने भाई सुरेश महिलांग को सेन्ट्रल बैंक ऑफ इंडिया में कार्य पर लगवाया आरोप है!

कि बैंक जैसे संवेदनशील संस्थान में, जहां गोपनीयता सर्वोपरि होती है! वहां किसी अन्य व्यक्ति से कार्य कराया जा रहा था!

इस पूरे मामले में बैंक मैनेजर की भूमिका भी संदिग्ध मानी जा रही है! क्योंकि उसी के द्वारा सुरेश महिलांग को कार्य सौंपा गया था! और बैंक के अधिकांश कार्य उसी से कराए जा रहे थे!

मामले को गंभीर मानते हुए सिविल सर्जन द्वारा तीन सदस्यीय जांच समिति गठित की गई है! समिति को निर्देश दिए गए हैं! कि वह उपस्थिति पंजिका, ड्यूटी रोस्टर, बैंक स्टेटमेंट सहित सभी संबंधित दस्तावेजों की जांच कर 02 दिवस के भीतर अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करे!

इस प्रकरण की जानकारी अध्यक्ष जीवन दीप समिति, कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी मुंगेली, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी को भी भेज दी गई है! संबंधित कर्मचारी विकास कुमार महिलांग को जांच में सहयोग करने और आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं!

प्रशासन का कहना है! कि जांच रिपोर्ट के आधार पर दोषी पाए जाने पर संबंधित कर्मचारियों और बैंक प्रबंधन के विरुद्ध वैधानिक एवं विभागीय कार्रवाई की जाएगी… यह मामला स्वास्थ्य विभाग और बैंकिंग सिस्टम में पारदर्शिता व अनुशासन को लेकर एक अहम उदाहरण माना जा रहा है!
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