
बिलासपुर,,,, गुरुवार तड़के प्रवर्तन निदेशालय (E.D) की बड़ी कार्रवाई ने शहर के कारोबारी और प्रशासनिक हलकों में हलचल मचा दी… सुबह-सुबह हुई इस दबिश में E.D की टीम ने शहर के चर्चित सर्राफा कारोबारी विवेक अग्रवाल के घर पर छापा मारा… मैग्नेटो मॉल के पीछे साईं मंदिर के पास स्थित उनके आवास पर करीब 10 से अधिक अधिकारियों की टीम पहुंची और बिना किसी पूर्व सूचना के सीधे अंदर जाकर जांच शुरू कर दी… कार्रवाई के दौरान पूरे परिसर को सुरक्षा घेरे में रखा गया… जिससे अंदर की गतिविधियां पूरी तरह गोपनीय बनी रहीं…
E.D की यह कार्रवाई केवल आवास तक सीमित नहीं रही… टीम ने शहर के मध्य नगरी चौक स्थित ‘श्रीराम ज्वेलर्स’ पर भी दबिश दी… जो बिलासपुर के प्रमुख ज्वेलरी प्रतिष्ठानों में गिना जाता है! यहां टीम ने लेन-देन से जुड़े दस्तावेज, निवेश के रिकॉर्ड, बैंकिंग डिटेल्स और अन्य वित्तीय कागजात खंगालने शुरू किए… शुरुआती जानकारी के अनुसार जांच का फोकस बड़े वित्तीय ट्रांजैक्शन, जमीन सौदों और संभावित अवैध निवेश पर है!
इस पूरे मामले में एक अहम कड़ी विवेक अग्रवाल का पारिवारिक कनेक्शन भी बनकर सामने आ रहा है! उनके बड़े भाई विकास अग्रवाल उर्फ ‘सब्बू’ पहले से चर्चित शराब घोटाले में आरोपी बताए जाते हैं! और फिलहाल उनके दुबई में होने की जानकारी सामने आई है! सूत्रों के मुताबिक विकास अग्रवाल को कथित 2000 करोड़ रुपए के शराब सिंडिकेट का सक्रिय सदस्य माना जाता है! उनका नाम इस नेटवर्क के अन्य प्रमुख चेहरों से भी जुड़ चुका है! जिससे E.D की जांच और गहराती नजर आ रही है!
जांच एजेंसी अब इस एंगल पर भी काम कर रही है कि क्या विवेक अग्रवाल के कारोबारी लेन-देन या निवेश का कोई संबंध इस कथित सिंडिकेट से है। परिवार से जुड़े खातों, संपत्तियों और कंपनियों के जरिए फंड फ्लो और ट्रांजैक्शन चैन की बारीकी से पड़ताल की जा रही है। यही वजह है कि ED की टीम दस्तावेजों के साथ-साथ डिजिटल डिवाइस जैसे लैपटॉप, मोबाइल और हार्ड ड्राइव की भी जांच कर रही है।
बताया जा रहा है कि इस कार्रवाई का तत्काल कारण भारत माला प्रोजेक्ट के दौरान जमीन अधिग्रहण में हुई कथित गड़बड़ी है। हालांकि, जांच का दायरा केवल जमीन सौदों तक सीमित नहीं है। ED इस पूरे मामले में जमीन घोटाले, अवैध निवेश और शराब सिंडिकेट के बीच संभावित कनेक्शन तलाश रही है। इससे साफ संकेत मिल रहे हैं कि एजेंसी किसी बड़े आर्थिक नेटवर्क की परतें खोलने में जुटी है।
कार्रवाई पूरी तरह ‘साइलेंट ऑपरेशन’ के तहत की जा रही है। अधिकारियों ने किसी भी तरह की आधिकारिक जानकारी साझा नहीं की है। बंद कमरे में चल रही जांच के चलते यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि अब तक क्या-क्या अहम साक्ष्य हाथ लगे हैं। हालांकि, शहर में इस कार्रवाई को लेकर चर्चाओं का दौर तेज हो गया है और कारोबारी जगत में हलचल साफ महसूस की जा रही है।
इस बीच, ED की टीम ने दुर्ग जिले में भी समानांतर कार्रवाई को अंजाम दिया। महेश कॉलोनी में बिल्डर और ‘राम रसोई’ संचालक चतुर्भुज राठी के घर पर भी दबिश दी गई। यहां भी टीम दस्तावेजों और वित्तीय लेन-देन की गहन जांच कर रही है। बिलासपुर और दुर्ग में एक साथ हुई इस कार्रवाई से यह संकेत मिल रहा है कि एजेंसी एक बड़े नेटवर्क को निशाने पर लेकर काम कर रही है।
कुल मिलाकर, बिलासपुर से दुर्ग तक फैली इस कार्रवाई ने यह साफ कर दिया है कि ED अब कथित 2000 करोड़ के सिंडिकेट और उससे जुड़े आर्थिक तंत्र को तोड़ने के मिशन में जुटी है। आने वाले दिनों में इस मामले में और बड़े खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है। फिलहाल, जांच जारी है और आधिकारिक पुष्टि का इंतजार किया जा रहा है।
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