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1 May 2026, Fri

नशे में ‘खाकी’ का खतरनाक तमाशा! थाने में आरक्षक ने लोड की S.L.R, भाई से झगड़े ने लिया उग्र रूप, स्टाफ की फुर्ती से टली बड़ी वारदात, CCTV में कैद हाई वोल्टेज ड्रामा, अफसरों की भूमिका पर उठे सवाल…



बिलासपुर,,,, छत्तीसगढ़ की न्यायधानी बिलासपुर से एक बड़ी खबर निकलकर सामने आ रही है।जहां पर फिर ख़ाखी को शर्मसार होना पड़ा।आज जहां पर खाकी को शर्मसार होना पड़ा वह कोई और स्थान नहीं बल्कि थाना परिसर के अंदर ही अपनो के सामने।दरअसल पूरा मामला एक आरक्षक के शराब के नशे में ड्यूटी के दौरान हाई वोल्टेज ड्रामा कर सनसनी फैला दी।


शराबी आरक्षक ड्यूटी के दौरान जमकर शराबखोरी की उसके बाद अपना आपा खोते हुए अपने दोस्त के साथ मिलकर मोबाइल फोन से अपने सगे बड़े भाई को फोन लगाकर जान से मारने की धमकी दी।धमकी के बाद बड़े भाई ने सिविल लाइन थाना आकर इसकी जानकारी दे रहा था और वह अपनी बात पूरी कर पाता कि उसका छोटा भाई शराबी आरक्षक विष्णु चंद्रा जो लाइन से पुलिस क्वार्टर गश्त पॉइंट में उसकी ड्यूटी लगी उसको छोड़कर वह थाना आता और अपने भाई से थाना परिसर में ही विवाद करने लगता है। शराब के नशे में धूत होकर आरक्षक थाने में जमकर उत्पात मचाने लगता है,

और गश्त ड्यूटी में मिली एसएलआर गन को लोड कर फायर का प्रयास करने की कोशिश करने लगा उसके पहले ही सिविल लाइन थाना के स्टाफ उसके तरफ दौड़कर उससे गन को छीनते और लोड की हुई गोली को बहार निकाल कर शराबी आरक्षक को गिरफ्तार कर हिरासत में ले लेते है।वही गन को सिविल लाइन पुलिस जब्त कर लेती।सिविल लाइन थाने के स्टाफ की मुस्तैदी से एक बड़ी घटना टल गई।शराबी आरक्षक का देर रात तक चले इस हाई वोल्टेज ड्रामा थाना के अन्दर लगे सीसीटीवी में कैद हो गया।जहां पर पुलिस के आला अधिकारी उस समय का सीसीटीवी फुटेज निकाल कर शराबी आरक्षक की करतूत को देख सकते है।जहां पर सारी सच्चाई समाने आ जाएगी।

सूत्र यह भी बता रहे कि लंबे समय से शराबखोरी के कारण यह किसी मामले में सस्पेंड चल रहा था।जो दो तीन दिन पूर्व ही इसको पुनः नौकरी में बहाल करते हुए लाइन में ड्यूटी का काम दिया गया था।यह अपनी हरकत से बाज नहीं आया और देर रात शराब के नशे में हरकत कर खाकी को शर्मसार कर दिया।

देर रात हुए इस हाई वोल्टेज ड्रामा ने जहां पूरे थाना और थाना स्टाफ की नींद को उड़ा दिया तो वहीं थानेदार, सीएसपी, और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक इस घटना से बेखबर थे।ऐसा हम इसलिए कह रहे कि इस घटना के बाद जिम्मेदार तीनों अधिकारियों को लगातार फोन लगाया गया लेकिन किसी ने भी फोन को उठाने या फिर कॉल करने की जरूरत नहीं समझे।इससे से यह स्पष्ट हो जाता कि जिम्मेदार बड़े अधिकारी सिर्फ नाम भर की अपनी जिम्मेदारी निभा रहे।असल जिम्मेदारी तो थाना में तैनात पुलिस कर्मियों ने अपनी जिम्मेदारी को समझी और एक बड़ी घटना को टाल दिए।यदि इन अधिकारियों की तरह यह बेसुध रहते तो पता नहीं क्या हो जाता।
फिलहाल पुलिस शराबी आरक्षक का मुलाहिजा कराकर आगे की कार्रवाई की बात कह रही है!देखना यह होगा कि पुलिस के आला अधिकारी ऐसे शराबी आरक्षक के खिलाफ क्या कार्रवाई करते है!

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प्रधान संपादक -हरबंश सिंह होरा
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