
बिलासपुर,,, सकरी क्षेत्र के ग्राम चोरभट्टी खुर्द में अवैध मुरुम खनन का बड़ा मामला सामने आया है! ग्रामीणों ने आरोप लगाया है! कि गांव में रात के अंधेरे में सैकड़ों हरे-भरे बड़े पेड़ों की कटाई कर भारी मात्रा में मुरुम का अवैध उत्खनन किया जा रहा है! बताया जा रहा है! कि यह पूरा खेल रात 10 बजे के बाद शुरु होता है! और सुबह तक जेसीबी तथा पोकलेन मशीनों की मदद से मुरुम निकालकर विभिन्न स्थानों तक पहुंचाई जाती है!
ग्रामीणों के अनुसार खनन के लिए जिस खसरा नंबर का परमिट (लीज) लिया गया है! उत्खनन कार्य उससे अलग स्थान पर किया जा रहा है! इससे शासन को लाखों रुपये के राजस्व का नुकसान होने के साथ-साथ पर्यावरण को भी गंभीर क्षति पहुंच रही है! स्थानीय लोगों का दावा है! कि अब तक मौके से लाखों रुपये मूल्य की मुरुम निकाली जा चुकी है! लेकिन जिम्मेदार विभागों की ओर से कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है!
सुबह होते ही गायब हो जाती हैं मशीनें….
ग्रामीणों का कहना है! कि रातभर खनन कार्य में लगी जेसीबी और पोकलेन मशीनों को सुबह होते ही किसी निजी जमीन, फार्म हाउस या अन्य सुरक्षित स्थानों पर खड़ा कर दिया जाता है! इसके बाद अगले दिन फिर वही मशीनें खनन स्थल पर पहुंचकर उत्खनन कार्य में लग जाती हैं! इस कारण कार्रवाई के दौरान मशीनें और जिम्मेदार लोग पकड़ में नहीं आ पाते…
‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान पर उठे सवाल…
एक ओर सरकार पर्यावरण संरक्षण के लिए “एक पेड़ मां के नाम” अभियान चलाकर वृक्षारोपण को बढ़ावा दे रही है, वहीं दूसरी ओर चोरभट्टी खुर्द में कथित रूप से सैकड़ों हरे-भरे पेड़ों की कटाई कर मुरुम निकाले जाने की शिकायतें सामने आ रही हैं। इससे पर्यावरण प्रेमियों और ग्रामीणों में आक्रोश है। उनका कहना है कि यदि समय रहते रोक नहीं लगी तो क्षेत्र की हरियाली पूरी तरह समाप्त हो सकती है।
आखिर किसके संरक्षण में चल रहा खेल?
ग्रामीणों के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है कि इतने बड़े पैमाने पर अवैध खनन और पेड़ों की कटाई आखिर किसके संरक्षण में हो रही है। लगातार शिकायतों के बावजूद कार्रवाई नहीं होने से लोगों में प्रशासन की कार्यप्रणाली को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं।
उल्लेखनीय है कि छत्तीसगढ़ के राज्यपाल Ramen Deka ने भी अवैध खनन पर रोक लगाने और प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करने के लिए अधिकारियों की बैठक ली थी। इसके बावजूद क्षेत्र में कथित रूप से जारी अवैध खनन प्रशासनिक दावों की पोल खोलता नजर आ रहा है।
ग्रामीणों ने की संयुक्त जांच की मांग…
ग्रामीणों ने जिला प्रशासन, खनिज विभाग, वन विभाग और राजस्व विभाग से संयुक्त जांच कर पूरे मामले की निष्पक्ष पड़ताल करने की मांग की है। साथ ही अवैध खनन में संलिप्त लोगों, मशीन संचालकों और संबंधित जिम्मेदार व्यक्तियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग भी की गई है।
यदि ग्रामीणों के आरोप सही हैं तो यह मामला केवल अवैध मुरुम उत्खनन तक सीमित नहीं है, बल्कि पर्यावरण विनाश, वन संपदा की क्षति और शासन को राजस्व हानि पहुंचाने का गंभीर प्रकरण है। अब सबकी निगाहें प्रशासन की कार्रवाई पर टिकी हैं कि आखिर चोरभट्टी खुर्द में रात के अंधेरे में चल रहे इस कथित खेल पर कब लगाम लगती है।
Author Profile
Latest entries
Uncategorized2026.07.31“खाद माफिया के आगे बेबस अन्नदाता! बोवनी बचाने की मजबूरी में किसान लुटने को मजबूर, बिलासपुर में MRP गायब… तिगुने दाम पर बिक रही खाद, प्रशासन की चुप्पी पर उठे बड़े सवाल, कालाबाजारी से खरीफ फसल पर मंडराया संकट….
Uncategorized2026.07.31“ज्ञान का मंदिर या कमाई का सेंटर?” एसएस पब्लिक स्कूल की जांच में खुली अनियमितताओं की पूरी किताब; लाइब्रेरी बेअसर, स्टोर में किताब-यूनिफॉर्म, मैदान गायब, ऊपर किरायेदार, फीस का खेल और प्रबंधन के दस्तावेज भी सवालों के घेरे में…
Uncategorized2026.07.31स्मार्ट मीटर की ‘सायं-सायं’ से बिजली उपभोक्ताओं की बढ़ी धड़कन, अनाप-शनाप बिलों पर कांग्रेस का जनआंदोलन; फॉर्म भरकर जुटाएगी शिकायतें, सरकार और बिजली विभाग को घेरने की पूरी रणनीति तैयार…
Uncategorized2026.07.30पैसे दो, तब मिलेगी लाश? हरिओम अस्पताल पर आदिवासी महिला का शव रोकने का आरोप, कांग्रेस का घेराव, स्वास्थ्य विभाग की जांच, निजी अस्पतालों की कार्यप्रणाली फिर कठघरे में।
