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20 Jun 2026, Sat

12 घंटे में दिल्ली से चला हंटर! हिंद एनर्जी पर केंद्रीय मंत्रालय की बड़ी कार्रवाई, PF-ESI घोटाले की जांच शुरू, निदेशक रडार पर; 30 साल पुराने साम्राज्य को 30 साल के युवक की चुनौती से मचा हड़कंप…

बिलासपुर,,,, श्रमिकों का खून-पसीना चूसने वाली बिलासपुर की M/s Clean Coal Enterprises Pvt. Ltd. और Hind Energy & Coal Benefication Pvt. Ltd. पर आखिरकार केंद्रीय श्रम मंत्रालय का हंटर चल गया है! करोड़ों के EPF/ESIC घोटाले की शिकायत पर मंत्रालय ने सिर्फ 12 घंटे में शिकंजा कस दिया और तुरंत जांच के आदेश दिया… अब निदेशकों पर गंभीर कानूनी कार्रवाई के प्रबल आसार बन गए हैं! केंद्रीय मंत्रालय के कड़े रुख से साफ है! कि ऊँची पहुँच और रसूख के दम पर आदिवासी वर्ग का शोषण नहीं होने दिया जाएगा… सरकार का संदेश स्पष्ट है! श्रमिकों का पैसा हड़पने वालों को कोई भी ताकत नहीं बचा सकती…

30 साल का ‘योद्धा’ vs 30 साल पुराना साम्राज्यः अंकित सिंह…

आदिवासी भाइयों के मुद्दे पर बुलंद आवाज उठाते हुए हिंद एनर्जी जैसी बड़ी कंपनी की आँख में आँख डालकर अंकित सिंह ने पूरे सिस्टम को कार्रवाई के लिए छत्तीसगढ़ से लेकर केंद्रीय मंत्रालय दिल्ली तक हिला दिया है! ये कोई इत्तेफाक नहीं, एक सोची-समझी जंग है! अंकित सिंह कई मोर्चों पर हिंद एनर्जी समूह को कड़ी टक्कर दे रहे हैं! पर्यावरण के नाम पर किए गए फर्जीवाड़े का पर्दाफाश हो, फर्जी दस्तावेजों से सरकार को गुमराह करने का खुलासा हो या श्रमिकों के PF/ESI के करोड़ों दबाने का घोटाला… सिर्फ 30 साल के इस नौजवान ने करीब 30 साल पुराने औद्योगिक साम्राज्य की नींव हिला कर रख दी है! अंकित सिंह ने दो टूक कहा है! “इस कंपनी को गलत काम में संरक्षण देने वाला चाहे कितना भी बड़ा अधिकारी हो या नेता, हर एक व्यक्ति को कानून के कटघरे में खड़ा करके सज़ा दिलवा कर रहूँगा… जब तक एक-एक गरीब मजदूर को उसका हक नहीं मिल जाता, ये लड़ाई रुकने वाली नहीं है! एक नौजवान युवक का अकेले इस औद्योगिक दिग्गज से भिड़ जाना लोगों में अति उत्साह भर रहा है! छत्तीसगढ़ के कई जिलों के गाँव-गाँव में चर्चा है! कि “अंकित जैसा बेटा हर घर में पैदा हो तो गरीब का हक कोई नहीं मार सकता। ये तो जनता का हीरो है! उसकी बेखौफ शैली, सबूतों का पहाड़ और कानून की बारीक समझ ने बड़े-बड़े अफसरों की रातों की नींद और दिन का चैन उड़ा दिया है!

12 घंटे में गिर गई गाजः मिनट-टू-मिनट टाइमलाइन…

 

18 जून, रात 10:21 बजेः अंकित सिंह ने Santusht Cell, PMO समेत 20 बड़े अफसरों को सबूतों के साथ मेल भेजा, मांग थी “वाशरी का ताला लगाओ, दोषियों पर केस दर्ज करो…

19 जून, सुबह 11:06 बजे दिल्ली हिली। Santusht Cell ने फाइल को “Most Urgent” मार्क कर Addl. CLC को दौड़ा दिया !

19 जून, सुबह 11:22 बजे: हथौड़ा चला !

 

Addl. CLC ने सीधे CPFC और ESIC के सबसे बड़े अफसरों को आदेश दिया- “तुरंत एक्शन लो, रिपोर्ट दो”।

 

मतलब साफ है:

 

एक आम नागरिक की हुंकार पर शिकायत के 12 घंटे के अंदर ही केंद्रीय श्रम मंत्रालय ने हिंद एनर्जी पर कड़ा रुख दिखा दिया !

 

श्रमिकों के करोड़ों दबाने का आरोप, अफसर भी रडार पर ?

 

आरोप गंभीर हैं। कंपनी पर मजदूरों की गाढ़ी कमाई का PF/ESI न जमा करने का आरोप है। इतना ही नहीं, क्षेत्रीय भविष्य निधि आयुक्त बिलासपुर पर कंपनी को बचाने के लिए रिकॉर्ड में हेराफेरी का आरोप लगा है। अब निदेशक सत्यदेव प्रसाद वर्मा और कमल कुमार केजरीवाल पर BNS की धारा 316, 318, 335 और Companies Act की धारा 447 के तहत *कानूनी कार्रवाई की तलवार लटक रही है।*

 

अब होगा असली एक्शनः कुर्की

 

1. खून-पसीने का पैसा वसूला जाएगाः

 

धारा 7A EPF Act के तहत एक-एक पाई का हिसाब होगा। खाते फ्रीज हो सकते हैं, संपत्ति कुर्क हो सकती है।

 

 

विस्तार पर संकटः कानून कहता है – EPF डिफॉल्टर को विस्तार की अनुमति नहीं। G.S.R. 299(E) के तहत वाशरी के विस्तार पर रोक लग सकती है।

 

3. *SFIO की एंट्री संभव: * ये Public Interest का

 

मामला है। SFIO धारा 212 (8) Companies Act के तहत बिना वारंट कार्रवाई कर सकती है। सुप्रीम कोर्ट के Sahara केस में भी आर्थिक अपराध पर सख्त रुख अपनाया गया था।

 

केंद्रीय श्रम मंत्रालय के इस कड़े कदम ने साफ कर दिया है कि श्रमिकों का हक मारने वालों पर सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति है। हिंद एनर्जी के निदेशकों के लिए आगे की राह बेहद मुश्किल होने वाली है, और इस पूरे तूफान का केंद्र है- अंकित सिंह जिसने कई अहम मौकों पर हिंद एनर्जी और उनके समूह को कड़ी शिकस्त दी है !

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प्रधान संपादक -हरबंश सिंह होरा
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