Breaking
1 Aug 2026, Sat

एक दिन में 3 अस्पतालों के कांड से मचा हड़कंप! अब बिल छिपाया तो होगी कार्रवाई, शव बंधक बनाया तो नहीं मिलेगी राहत, सीएमएचओ का निजी अस्पतालों को सख्त फरमान—रेट लिस्ट टांगो, पारदर्शिता रखो और नियमों का हर हाल में पालन करो…

बिलासपुर,,,, एक ही दिन में निजी अस्पतालों में 3-3 कांड के बाद मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ शुभा गरेवाल ने जिले समस्त नर्सिंग होम / अस्पताल / डायग्नोस्टिक सेंटर और क्लीनिक संचालको को अपने संस्थान के चिकित्सा सेवाओ का रेट लिस्ट टांगने और बंधक प्रथा पर लगाम लगाने गाइडलाइन जारी किया है! गौरतलब है! कि बुधवार को
व्यापार विहार के एलाइट हॉस्पिटल में एक मृत मरीज के परिजनों को 19 घण्टे के चिकित्सा का पौने 5 लाख रुपये का बिल थमाने, पेंडलवार नर्सिंग होम तोरवा में ऑपरेशन के दौरान महिला के पेट मे सर्जिकल धागा छोड़ने और तोरवा पावर हाउस चौक के आगे हरिओम मल्टीस्पेसिलिटी हॉस्पिटल में एक मृत मरीज के शव को बंधक बनाने की घटना को लेकर पूरे दिन बवाल मचा था…. कांग्रेस ने मामले को कलेक्टर/ एसएसपी को ज्ञापन सौंपा था…. एक दिन में ही हुए 3 कांड के मीडिया मे प्रसारित खबरों का हवाला देते हुए कहा गया है! कि आये दिन अस्पतालों से मरीजों के साथ अस्पताल प्रबंधन का बिल संबंधी विवाद को घटनाएं सामने आते है! विवाद का प्रमुख कारण अधिकांश निजी स्वास्थ्य संस्थाओं द्वारा मरीजों को उपचार की समस्त प्रक्रियाँ, संभावित व्यय का स्पष्ट जानकारी न देने की बात सामने आई है! स्वास्थ्य संस्थाओं को मरीज के परिजनों को बिल व उपचार संबंधी जानकारी से अवगत कराई जाए जो नहीं किया जा रहा है!
उन्होंने समस्त चिकित्सा संस्थानों को अपने संस्थान में मरीजो के ओपीडी, लैब जांच शुल्क, सोनोग्राफी, सीटी स्कैन, एमआरआई, एक्स रे शुल्क, बेड चार्ज, नर्सिंग केयर शुल्क चिकित्सक शुल्क, आपरेशन शुल्क व अन्य आईपीडी उपचार में लिये जाने वाले शुल्क का विवरण अनिवार्य रूप से अस्पताल परिसर में प्रदर्शित करने कहा है!
शासन ने पहले ही निजी चिकित्सा संस्थानों को अपने संस्थान का रेट लिस्ट(सेवा शुल्क) टांगने निर्देश दिया है! ताकि मरीजो को उपचार के दौरान होने वाले संभावित व्यय एवं उपचार की समस्त प्रक्रिया जैसे अनुमानित भर्ती दिवस, संभावित आपरेशन, उपचार के दौरान संभावित जटिलताएं आदि का विवरण परामर्श के दौरान आवश्यक रूप देने…. मरीजों को भुगतान जाने वाले समस्त शुल्क की मदवार रसीद देने कहा गया है!

किसी भी परिस्थिति में शव को बंधक बनाये जाने शिकायत ना हो….

सीएमएचओ ने इस बात का विशेष ध्यान रखने कहा कि
निजी अस्पतालों में उपचार के दौरान मरीज की मृत्यु के पश्चात् मरीज के शव को सुरक्षित रखने एवं उनके परिजनों को सुपुर्द करने में लेट लतीफी करने व बंधक बनाये जाने की शिकायते बेहद ग़म्भीर है!

ये है निर्देश…

0-नान एमएलसी प्रकरण में निजी अस्पताल में उपचार के दौरान मृत्यु के पश्चात् शव को शीघ्र से शीघ्र मरीज के परिजनों को सुपुर्द कराये।

0 एमएलसी प्रकरण में डेथ मेमों के साथ संबंधित थाना प्रभारी को तत्काल सूचित करने।

0 अपने संस्थान में शव को सुरक्षित व सम्मानजनक पृथक रूप से रखने की समुचित व्यस्था बनाने।

0शव रखने के लिए फ्रीजर की उपलब्धता बनाने।

0-परिजनों द्वारा किसी कारणवस् शव प्राप्त करने में विलंब होने की स्थिति में 24 घण्टे के भीतर को शासकीय चिकित्सालय के मर्चुरी में पुलिस विभाग के सहयोग से सुरक्षित रखवाने की व्यव्स्था बनाने।

0 किसी भी परिस्थिति में शव को बंधक बनाये जाने शिकायत ना हो इस बात का विशेष ख्याल रखने कहा गया है।
*निजी चिकित्सा संस्थानों को जारी फरमान की प्रति*

0 संचालक, संचालनालय स्वास्थ्य सेवायें नवा रायपुर

0-कलेक्टर / पर्यवेक्षी प्राधिकारी, क्लीनिकल स्थापना अधिनियम बिलासपुर,

0वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक बिलासपुर,

0 अधीक्षक, छ. ग. आयुर्विज्ञान संस्थान (सिम्स) बिलासपुर

0 सिविल सर्जन सह मुख्य अस्पताल अधीक्षक जिला चिकित्सालय बिलासपुर

0 खण्ड चिकित्सा अधिकारी सामु.स्वा. केन्द्र बिल्हा, कोटा, तखतपुर, मस्तुरी

0 आईएमए के अध्यक्ष / सचिव, को भेजने की जानकारी दी गई है।

Author Profile

प्रधान संपादक -हरबंश सिंह होरा
Latest entries

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You Missed