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8 Jul 2026, Wed

सिरगिट्टी में हजारों बाहरी कर्मचारी, लेकिन पुलिस सत्यापन गायब! शिकायतें, विवाद और सवाल बरकरार—आखिर किसके संरक्षण में चल रहा यह पूरा खेल?…

बिलासपुर,,, जिले के औद्योगिक क्षेत्र माने जाने वाले बिलासपुर शहर के सिरगिट्टी थान क्षेत्र में मार्केटिंग नेटवर्क कंपनी में काम करने वाले हजारों बाहरी युवक-युवतियों के पुलिस सत्यापन पर सवाल खड़े हो रहे हैं! स्थानीय लोगों का आरोप है! कि वर्षों से अलग-अलग क्षेत्रों से आए कर्मचारी यहां रह रहे हैं! लेकिन उनका पुलिस वेरिफिकेशन अब तक नहीं हुआ…. कुछ दिन पहले एसएसपी ने किरायेदारों और बाहरी लोगों की जानकारी पुलिस को देना अनिवार्य किया था… लेकिन स्थानीय लोगों का दावा है! कि सिरगिट्टी में इसका असर नजर नहीं आया… आरोप है! कि कई मकानों को गेस्ट हाउस बनाकर बड़ी संख्या में कर्मचारियों को ठहराया गया है! जबकि स्थानीय लोगों को उनकी पहचान तक की जानकारी नहीं है! स्थानीय लोगों का यह भी आरोप है! कि कंपनी स्थानीय युवाओं को रोजगार देने के बजाय बाहरी लोगों को प्राथमिकता देती है! क्षेत्र में मारपीट और विवाद की घटनाओं का हवाला देते हुए लोगों ने सुरक्षा पर भी सवाल उठाए हैं! लोगों का कहना है! कि कई साल पहले भी पुलिस कार्रवाई हुई थी…. कई थाना प्रभारी बदले, शिकायतें भी दी गईं… लेकिन व्यापक सत्यापन आज तक नहीं हो सका… अब सवाल उठ रहा है! कि आखिर जिम्मेदार कौन है! और पुलिस सत्यापन अभियान कब चलेगा? सिरगिट्टी इलाके में चलने वाले इस कथित रोजगार नेटवर्क में स्थानीय लोगों को नौकरी देने का कोई प्रावधान है! जिसके चलते यह कंपनी सवालों के घेरे में है! क्षेत्र के लोगों का कहना है! कि हजारों बाहरी युवक-युवतियों की मौजूदगी के बाद भी इनका सत्यापन नहीं हो पा रहा है! पुलिस हर बार जल्द ही इनकी पूरी जानकारी इकट्ठा करने का दावा तो करती जरूर है! पर होता कुछ नहीं है! गौरतलब है! कुछ दिनों पहले ही वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह ने जिले में कानून व्यवस्था को मजबूत करने के साथ किरायेदारों, बाहरी व्यक्तियों, घरेलू सहायकों और संदिग्ध गतिविधियों से जुड़े लोगों का अनिवार्य सत्यापन कराने के निर्देश जारी किए हैं! इस आदेश के बाद सबसे ज्यादा चर्चा सिरगिट्टी क्षेत्र के लोगों को उम्मीद थी…. वर्षों से संचालित कथित नेटवर्क कम्पनी का सच सामने आएगा लेकिन नतीजा अभी तक सामने नहीं आ पाया है! स्थानीय लोगों का दावा है! कि सिरगिट्टी में लंबे समय से हजारों की संख्या में बाहरी युवक-युवतियां रह रही हैं! आरोप है! कि उन्हें नौकरी और बड़े पैकेज का सपना दिखाकर यहां लाया जाता है! लेकिन उनकी वास्तविक गतिविधियों और पहचान को लेकर हमेशा सवाल उठते रहे हैं! क्षेत्रवासियों का कहना है! कि इन लोगों का पुलिस सत्यापन नहीं होने से इलाके में लगातार भय और असुरक्षा का माहौल बना रहता है! लोगों का आरोप है! कि कई बार शिकायतें थाने तक पहुंचीं, लेकिन उन पर अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई… यह भी दावा किया जाता है! कि जब कुछ युवक-युवतियां घर लौटने या शिकायत करने की कोशिश करते हैं! तो उन्हें रोते-बिलखते देखा गया… हालांकि, इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है! स्थानीय निवासियों का कहना है! कि यदि एसएसपी द्वारा शुरु किया गया… सत्यापन अभियान सिरगिट्टी से प्रभावी ढंग से शुरु होता है! तो वर्षों से विवादों में घिरे इस कथित नेटवर्क की सच्चाई सामने आ सकती है! लोगों की मांग है! कि नेटवर्क से जुड़े सभी लोगों, संचालकों और यहां रह रहे बाहरी व्यक्तियों का दस्तावेजी सत्यापन कर पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की जाए…. अब निगाहें पुलिस प्रशासन की कार्रवाई पर टिकी हैं! यदि शिकायतों में दम पाया जाता है! तो यह कार्रवाई न केवल सिरगिट्टी बल्कि पूरे जिले में अवैध और संदिग्ध गतिविधियों पर बड़ी चोट साबित हो सकती है! वहीं यदि आरोप बेबुनियाद निकलते हैं! तो जांच से स्थिति भी स्पष्ट हो जाएगी…

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प्रधान संपादक -हरबंश सिंह होरा

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