Breaking
28 Jul 2026, Tue

फर्जी नागलोक मुआवजा कांड में कालसर्प योग! बाबू बनाम अफसर की जंग तेज, कोई खुद को बता रहा बेदाग तो कोई गिरफ्तारी पर भड़का, अदालत से धोखाधड़ी के आरोपों के बीच तहसील में पसरा सन्नाटा, आखिर असली दोषी कौन?….

00 करोड़ो के चर्चित सर्पदंश मुआवजा घोटाले में लिपिक और प्रशासनिक सेवा संघ आमने सामने….

00 पुलिस जांच और गिरफ्तारी पर उठे सवाल कर्मचारियों ने खोला मोर्चा….

00 कहा हमें क्यो बनाया जा रहा…. बलि का बकरा…

बिलासपुर,,, न्यायधानी बिलासपुर में हुए 17 करोड़ से अधिक के फर्जी नागलोक मुआवजा कांड और इसको लेकर चल रहे…. नूराकुश्ती के खेल से पब्लिक कंफ्यूजिया गई है! तहसील का हाल कालसर्प योग टाइप है! प्रशासनिक सेवा संघ के अफसर अपनी बिरादरी को पाकसाफ बता इसे अदालत से धोखाधड़ी और न्यायिक प्रक्रिया में फर्जीवाड़ा करने का आरोप लगा कार्रवाई की मांग कर रहा… तो दूसरी तरफ लिपिक संघ अपने लिपिक सहकर्मियों की हुई गिरफ्तारी पर आक्रोश जता उन्हें निर्दोष बताते हुए दोषी अफसरो को जिम्मेदार ठहरा कार्रवाई की मांग कर रहा…. सर्पराज असमंजस में है! कि उनका क्या दोष जो पूरे छत्तीसगढ़ में उनकी फजीहत हो रही… उन्होंने डसा तक नही और 17 करोड़ से अधिक के कांड का तोहमत उनके नाम पर हो गया…
फर्जीनाग लोक मुआवजा कांड के बाद से तहसील दफ्तर में सन्नाटा पसरा है! डॉक्टर और तहसील के 3 कर्मचारियों समेत 19 लोगो की गिरफ्तारी से पूरा सन्नाटा पसरा है! अफसर- बाबू सब भागे भागे फिर रहे.. पक्षकार है! कि पेशी बढ़वाने और नकल के लिए तहसील दफ्तर के चक्कर काट रहे…. कोई बता रहा…. कि फलाना जेल में है! तो कोई हमे नही पता कहकर घूमा रहे….

लिपिक संघ उवाच….

छत्तीसगढ़ प्रदेश राजस्व लिपिक संघ ने कलेक्टर को सौंपे गए ज्ञापन में कहा है! कि पुलिस जांच में राजस्व कर्मचारियों को गलत तरीके से दोषी बनाया जा रहा…. राजस्व संहिता के तहत लिपिक केवल दस्तावेज प्रस्तुत करने का कार्य करता है! जबकि पंचनामा, पोस्टमार्टम और अन्य आवश्यक जांच की जिम्मेदारी संबंधित विभागों और अधिकारियों की होती है! संघ ने कहा कि न्यायालयीन शाखा में कार्यरत रीडर न्यायालय का अभिन्न अंग होता है! इसलिए उससे पूछताछ भी कानून और गरिमा के अनुरूप होनी चाहिए… न कि अपराधियों की तरह कर्मचारियों ने आरोप लगाया…. कि सेवानिवृत्त लिपिकों को भी लगातार फोन कर परेशान किया जा रहा है! यहां तक कि एक कर्मचारी के पिता के निधन के बाद भी उसे पूछताछ के लिए बुलाया गया…. राजस्व लिपिक संघ ने पहले तीन दिवसीय हड़ताल का ऐलान किया था…. लेकिन कलेक्टर द्वारा विभागीय जांच कराने और हाई पावर कमेटी गठित करने का आश्वासन के बाद हड़ताल स्थगित कर दी गई…. संघ ने तीन दिनों के भीतर जांच समिति का गठन न होने पर जिले भर में अनिश्चितकालीन हड़ताल का अल्टीमेटम दिया है!

प्रशासनिक सेवा संघ ने बताया अदालत से फ्रॉड….

पुलिस ने अभी तक किसी भी प्रशासनिक सेवा संघ के अफसरो पर हाथ नही डाला…. बावजूद इसके उनमें धुकधुकी बनी हुई है! संघ ने संभागायुक्त को ज्ञापन सौंप इसे अदालत से धोखा बताते हुए कहा कि जो भी झूठे दस्तावेज या सबूत पेश करता है! या ऐसा कपटपूर्ण आचरण करता है! जिससे न्याय की निष्पक्ष प्रक्रिया गंभीर रूप से बाधित हो, वो भारतीय न्याय संहिता, 2023 की धारा 227 से 231 सहित अन्य प्रासंगिक धाराओं के तहत बेहद संगीन है! ऐसे लोग जो अदालत से कपटपूर्ण धोखाधड़ी किये है उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए…..

Author Profile

प्रधान संपादक -हरबंश सिंह होरा
Latest entries

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You Missed