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सेंट जेवियर्स स्कूल प्रबंधन ने उसलापुर और जबड़ापारा सरकंडा में खोली लूट की दुकान बिना मान्यता स्कूलों का संचालन बोले डीईओ – मामला गंभीर, जांच कराएंगे

बिलासपुर ,,सीबीएसई से मान्यता लिए बगैर ही सेंट जेवियर्स के दो स्कूल संचालित किए जा रहे हैं। यहां पहली से 8 वीं तक धड़ल्ले से बच्चों को एडमिशन दिया जा रहा है। फर्जीवाड़े से अनजान पालक भी बच्चों का भविष्य संवारने के लिए स्कूल प्रबंधन को मोटी फीस चुका रहे हैं, जबकि उन्हें यह पता ही नहीं है कि इन स्कूलों में उनके बच्चों का भविष्य बर्बाद हो जाएगा। पूरा मामला जिला शिक्षा अधिकारी के कार्यालय तक पहुंच गया है। इस मामले में डीईओ टीआर साहू का कहना है कि मामले की शिकायत मिली है। टीम गठित कर पूरे मामले की जांच कराई जाएगी।

बता दें कि बिलासपुर जिले में सेंट जेवियर्स हायर सेकेंडरी स्कूल भरनी और व्यापार विहार को सीबीएसई से मान्यता मिली हुई है। इसके अलावा जिले के किसी भी अन्य स्थान पर स्कूल संचालन की अनुमति नहीं दी गई है। शिकायत के अनुसार जबड़ापारा सरकंडा और उसलापुर में सेंट जेवियर्स स्कूल की ब्रांच खोल दी गई है। यानी कि ये दोनों स्कूल स्टडी सेंटर हैं। दोनों स्कूलों में पहली से 8 वीं तक पढ़ाई होती है। शिकायत के अनुसार स्कूल प्रबंधन द्वारा सत्र 2020-21, 21-22, 22-23 और 23-24 में अध्ययनरत छात्रों से अवैधानिक तरीकों से हर वर्ष पंजीयन शुल्क लिया गया है। मनमाने ढंग से पुनः प्रवेश शुल्क, मेंटेनेंस शुल्क वसूला जा रहा है। सत्र 2020-21, 21-22, 22-23 एवं 23-24 में अध्ययनतरत स्टूडेंट्स से लिए जाने वाले शुल्क से संबंधित स्कूल फीस पंजी, आय-व्यय पंजी, केशबुक, लेजर, शुल्क संधारित पंजी सहित समस्त दस्तावेज में भारी अनियमितता है। स्टूडेंट्स से जो फीस ली जाती है, उस हिसाब से आय-व्यय का ब्योरा तक नहीं दिखाया जाता है।

कलेक्टर, शिक्षा सचिव तक भी शिकायत : शिकायतकर्ता ने पूरे मामले की लिखित शिकायत कलेक्टर अवनीश शरण, शिक्षा सचिव सिद्धार्थ कोमल सिंह परदेशी और सीबीएसई बोर्ड नई दिल्ली को भी प्रेषित की है। शिकायतकर्ता ने कहा है कि सेंट जेवियर्स स्कूल प्रबंधन पालकों को लूटने के लिए स्टडी सेंटर खोल रखा है, जिसकी वास्तविकता नहीं बताई जा रही है। उन्होंने पूरे मामले की जांच में खुद को भी शामिल किए जाने की मांग की है।

क्या है नियम : नियम के मुताबिक सीबीएसई से मान्यता, क्लास 10 वीं व 12वीं तक ही मिलती है । इसके अलावा जहां मानता है वहीं स्कूल में ही छात्र को एडमिशन लेकर पढ़ाई कराया जाता है। पढ़ाई के बाद परीक्षा, अन्य स्कूलों में कराना नियम विरुद्ध है।

मामले की शिकायत मिली है। यदि बिना मान्यता के कोई स्कूल संचालित किया जा रहा है तो यह गंभीर मामला है। शिकायत की जांच के लिए कमेटी गठित की जाएगी। जांच रिपोर्ट मिलने के बाद ही आगे कुछ कहा जा सकता है : टीआर साहू, डीईओ

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प्रधान संपादक -हरबंश सिंह होरा
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