
बिलासपुर,, नर्मदा नगर रोड स्थित श्री मंगला अस्पताल प्रबंधन की हैरान करने वाली लापरवाही उजागर हुई है। पामगढ़ निवासी शेखर धीवर 25 वर्ष ने जहर खा लिया था, जिसे इलाज के लिए 21 मई की दोपहर मंगला अस्पताल लाया गया था। इलाज के दौरान रात को उसकी मौत हो गई लेकिन सुबह करीब 5:00 बजे अस्पताल प्रबंधन ने बिना पोस्टमार्टम किए ही शव को परिजनों को सौंप दिया। इधर नियमानुसार शाम को 5:30 बजे जब सिविल लाइन थाने में मर्ग इंटीमेशन पहुंचा तो पुलिस पोस्टमार्टम के लिए शव लेने पहुंची लेकिन वहां मर्चुरी में शव नहीं मिला, जिसके बाद पुलिस ने सिम्स की मर्चुरी में भी तलाश किया तो शव के बारे में कोई जानकारी नहीं मिली, जिसके बाद पुलिस ने परिजनों का नंबर लेकर उनसे संपर्क किया तो परिजनों ने बताया कि वे तो शव का अंतिम संस्कार भी कर चुके हैं। बिना पोस्टमार्टम किए शव को परिजनों को सौंपने के इस मामले में पुलिस अस्पताल प्रबंधन से पूछताछ कर रही है। ऐसा मामला इससे पहले शायद ही कभी आया हो।
जहर खाने के बाद 18 मई को शेखर धीवर को पामगढ़ के ही शासकीय अस्पताल में भर्ती किया गया था, जहां से उन्हें बिलासपुर के एक निजी अस्पताल भेजा गया लेकिन उनकी स्थिति को देखते हुए बाद में श्री मंगला हॉस्पिटल भेज दिया गया। जहर खाने के कारण उनकी मौत के बाद पुलिस को इसकी सूचना देते हुए पोस्टमार्टम कराना था लेकिन अस्पताल प्रबंधन ने नियम कायदों की परवाह किए बगैर तड़के ही पता नहीं क्यों शव को परिजनों को सौंप दिया और नासमझ परिजन भी बिना पोस्टमार्टम कराए ही अंतिम संस्कार भी कर बैठे। पुलिस ने अब मृतक के अस्थियों का सैंपल लिया है जिसकी फोरेंसिक जांच की जाएगी तो वहीं अस्पताल को भी नोटिस भेजने की तैयारी है।
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