
चौकी बेलगहना थाना कोटा जिला बिलासपुर अपराध कमांक 00/2024 धारा 25 आर्म्स एक्ट
ग्राम टेंगनमाडा बाजार चौक के पास धारदार तलवार लहराने वाले आरोपी गिरप्तार
•जप्तः- एक धारदार लोहे का तलवार
आरोपी 👇
1 राजकुमार निर्मलकर पिता सुमन सिंह निर्मलकर उम्र 35 वर्ष सा टेंगनमाडा चौकी बेलगहना जिला बिलासपुर छ.ग
मामले के संक्षिप्त विवरण इस प्रकार है की आज दिनांक 25.मई.24 को मुखबिर से सूचना मिला की टेंगनमाडा बाजार चौक के पास राजकुमार निर्मलकर नमक व्यक्ति एक लोहे का धारदार तलवार लहराकर आने जाने वाले लोगो को डरा धमका रहा है, की मुखबिर से मिली सूचना से पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह भा.पू.से. महोदय को अवगत कराया गया जो तत्काल कार्यवाही करने की हेतु निर्देशित किया गया, श्रीमान अति. पुलिस अधीक्षक श्रीमती अर्चना झा (रा. पु. से.)अनुविभागीय अधिकारी पुलिस श्रीमती नूपुर उपाध्याय (रा. पु. से.)के मार्गदर्शन मे मौका ग्राम टेंगनमाडा बाजार चौक के पास आरोपी राजकुमार निर्मलकर के कब्जे से एक लोहे का धारदार तलवार को जप्त कर आरोपी को हिरासत मे लिया गया। आरोपी राजकुमार निर्मलकर पिता सुमन सिंह निर्मलकर उम्र 35 वर्ष सा टेंगनमाडा चौकी बेलगहना जिला बिलासपुर छ.ग. को गिरप्तार कर न्यायिक अभिरक्षा मे भेजा गया है,उक्त कार्यवाही निरीक्षक विवेक कुमार पाण्डेय चौकी प्रभारी बेलगहना के मार्गदर्शन में प्रआर भुनेश्वर मरावी, आरक्षक सत्येंद्र राजपूत, विजेंद्र कोल का सराहनीय योगदान रहा।
Author Profile
Latest entries
Uncategorized2026.09.08मोपका की बेशकीमती जमीन पर फिर ‘केडिया’ का दावा, रिकॉर्ड में निगम की, जमीन पर खम्भे गड़े… हाईकोर्ट के आदेश पर खुला सीमांकन का पिटारा, निगम-राजस्व टीम ने नापी जमीन, अब रिपोर्ट बताएगी असली मालिक कौन?
Uncategorized2026.09.08श्रीराम केयर में इलाज के बाद ‘कचरे’ का खेल! सार्वजनिक जगह पर मेडिकल वेस्ट और एक्सपायरी दवाएं डंप, निगम की नजर पड़ी तो अस्पताल पर ठोंका ₹30 हजार जुर्माना, अब चेतावनी, दोबारा गलती हुई तो कार्रवाई और तगड़ी…
Uncategorized2026.09.08प्रदीप आर्य की ‘डिक्की चेकिंग’ ने खोला नशे का राज, बिरकोना रोड पर कार रोकते ही निकली ऑनरेक्स की 520 नग खेप, दो आरोपी दबोचे गए, 1.04 लाख का सिरप जब्त; दो सप्लायर अब भी पुलिस की पकड़ से बाहर…
Uncategorized2026.09.08सेंदरी के जमीन खेल में पटवारी पर मेहरबानी क्यों? 19 अक्टूबर का डेथ सर्टिफिकेट, 16 अक्टूबर का फौती प्रतिवेदन, एक माह से जांच ठंडी, कार्रवाई गायब… रसूख भारी या सिस्टम बेबस?

