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सिम्स की सुरक्षा में 20 साल में लाखो रुपए की हेराफेरी, कलेक्टर के आदेश के बावजूद F.I.R मे नाम गायब

बिलासपुर के सिम्स की सुरक्षा संभालने वाली बुंदेला सिक्योरिटी सर्विसेस के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर अब जांच दबाने की कोशिश हो रही है। सिटी कोतवाली पुलिस ने सिम्स से हाजिरी रजिस्टर जब्त किया है। इसी से यह स्पष्ट हो जाएगा कि कितने लोग ड्यूटी करते थे। इसके बाद भी पुलिस सख्ती नहीं कर रही। इधर, सिम्स के जिम्मेदार भी मामले में
कुछ बोलने से बच रहे हैं। संभाग वह के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल में क सालों से सुरक्षा की जिम्मेदारी अ संभाल रही बुंदेला सिक्योरिटी इस एजेंसी गोलमाल कर रही थी। सिम्स डा के जिम्मेदार आंख मूंदकर बैठे रहे। रोज जब एसी के कॉपर वायर चोरी का एक मामला सामने आया, तब कलेक्टर क की सख्ती के बाद एफआईआर कि कराई गई। हालांकि इसमें में बड़ा क खेल हुआ। एसपी को जो पत्र दिया गा गया था, उसमें नाम था, लेकिन बाद में नाम हटा लिया गया। जांच के नाम पर सिटी कोतवाली पुलिस ने वहां से हाजिरी रजिस्टर को जब्त कर लिया। कॉपर वायर चोरी के – आरोप में गार्ड को गिरफ्तार किया। इसके बाद मामला ठंडे बस्ते में डाल दिया गया है। बता दें कि रोजाना 167 गार्ड की ड्यूटी के एवज में हर साल करीब 1.70 करोड़ रुपए का भुगतान कंपनी को किया जाता है, लेकिन कंपनी ने कभी भी सिम्स में इतनी संख्या में गार्ड नहीं दिए। यही वजह है कि सिम्स परिसर में गाड़ियों की चोरी से लेकर सिम्स बिल्डिंग से एसी के कॉपर तार की चोरियां हो रही थी।

कलेक्टर का भी खौफ नहीं

सिम्स की सुरक्षा के लिए जिम्मेदार बुंदेला सिक्योरिटी सर्विसेस के मालिक और ठेकेदार को कलेक्टर का भी खौफ नहीं है। डॉक्टरों और कर्मचारियों को लगा था कि कलेक्टर के निरीक्षण के बाद गार्ड की संख्या बढ़ेगी, जो नहीं हुआ। अभी भी रोजाना 40 से 50 गार्ड कम खड़े किए जा रहे, लेकिन इसके बाद भी ठेकेदार को प्रबंधन पूरा भुगतान कर रहा है!

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प्रधान संपादक -हरबंश सिंह होरा
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