
बिलासपुर,,, चेक बाउंस के एक मामले में प्रथम अपर सत्र न्यायाधीश ने 6 महीने की सजा सुनाई है। इसके साथ ही साढ़े 7 लाख रुपए दो महीने में देने का आदेश दिया है।
राजेन्द्र नगर निवासी सिराज मोहम्मद ने अपनी भाभी राजेन्द्र नगर निवासी सुरैय्या बेगम को ब्यूटी पार्लर खोलने के लिए 7 लाख रुपए 2012 में दिए थे। तय समय में पैसे वापस नहीं करने पर मांगे तो सुरैय्या बेगम ने 5 दिसंबर 2014 काे सात लाख रुपए का चेक सिराज को दे दिया। यह चेक बाउंस हो गया। इसके बाद इसकी सूचना और नोटिस पंजीकृत डाक के माध्यम से सिराज मोहम्मद ने भेजी। इसके बाद भी पैसे वापस नहीं करने पर धारा 138 के तहत केस दायर किया गया। विचारण न्यायालय ने मामले में सुरैय्या बेगम के खिलाफ आदेश जारी किया।
इसमें तीन महीने की सजा और 7 लाख रुपए के भुगतान का आदेश जारी किया गया। इसके खिलाफ सुरैय्या बेगम की ओर से प्रथम अपर सत्र न्यायाधीश के समक्ष अपील की गई थी। इसमें कहा गया कि 7 लाख रुपए दिए जाने का कोई प्रमाण नहीं है। सिराज मोहम्मद द्वारा रजिस्टर्ड नोटिस की तामीली को भी प्रमाणित नहीं किया गया है। यह रकम कब कब दी गई इसकी कोई रसीद आदि भी प्रस्तुत नहीं की गई है।
कोर्ट ने तथ्यों और प्रमाणों के आधार पर तर्कों से असहमति जताई। सुनवाई के बाद प्रथम अपर सत्र न्यायाधीश ने आरोपी सुरैय्या को 6 महीने की सजा सुनाई है। इसके साथ ही साढ़े 7 लाख रुपए दो महीने में देने का आदेश दिया है।
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