Breaking
28 Jan 2026, Wed

बेजुबान पशुओं के खून से लाल हुई तखतपुर की सड़के, जिम्मेदार कौन ?

बिलासपुर ,,, तखतपुर गोठान व्यवस्था कमजोर होते ही गांव-गांव में मवेशियों की भरमार हो गई है स्थिति बस से बदतर हो गई है जहां यह मवेशी फसलों को नुकसान पहुंचा रहे हैं वही सड़क पर रहकर दुर्घटनाओं को आमंत्रित कर रहे हैं पिछले सरकार के द्वारा मवेशियों के हितों के लिए गांव-गांव में गोठानो की व्यवस्था की गई थी पर अब इन गोठानो का कोई अस्तित्व ही नहीं रह गया जानवर खुलेआम जहां पाए वहां घूम रहे हैं मेहनत से लगाए गए फसलों को नुकसान पहुंचा रहे हैं शाम होते ही यह मवेशी मुख्य मार्ग की सड़कों में आकर अपना डेरा जमा लेते हैं आने जाने वाले वाहनों को इन मवेशियों से काफी तकलीफ होती है गंभीर दुर्घटनाएं भी रोज हो रही है गाय को हमारे हिंदू धर्म में माता का रूप दिया गया है

कई सामाजिक संस्थाओं के द्वारा गौ रक्षक का बीड़ा भी उठाया गया है पर ऐसी स्थिति में अब इन मवेशियों की रक्षा के लिए कोई सामने नहीं आ रहा है ना ही शासन इस और कोई सामाजिक संस्था ध्यान दे रही है इन मवेशियों के खून से रोज सड़के लाल हो रही है बिलासपुर रायपुर संभाग के अलावा छत्तीसगढ़ के अन्य संभागों का भी यही हाल है बिलासपुर तखतपुर मुख्य मार्ग में पांच मवेशियों को अज्ञात वाहन के द्वारा अपनी चपेट में ले लिया गया जिससे इन निरीह पशुओं की मौत मौके पर हो गई इन पशुओं के बारे में जब ग्रामीणों से चर्चा किया जाता है

तो वह सारा दोष मौजूदा शासन प्रशासन पर मढ़ देते हैं जब शासन के अधिकारी व जनप्रतिनिधियों से इस बारे में चर्चा की जाती है तो उनका कहना है कि किसान ही अपने जानवरों को खुला छोड़ देते हैं इसीलिए दुर्घटनाएं हो रही है एक दूसरे के दोषा रोपण के चलते रोजाना सैकड़ो पशु काल की गाल में समा रहे हैं अब बुद्धिजीवी वर्ग को आगे आना चाहिए जिस गाय को हम अपनी माता मानते आए हैं उसकी रक्षा के लिए निर्णय लेने का समय आ गया है कुछ ऐसा निर्णय जो इन बेगुनाह पशुओं की जीवन रक्षा कर सके

Author Profile

प्रधान संपादक -हरबंश सिंह होरा
Latest entries

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You Missed