
जमीन कारोबारी भी फंसे,रजिस्ट्री रुकी तो पैसे का भी नुकसान शुरू हुआ
बिलासपुर,,, प्रदेश भर में दस्तावेज लेखक और स्टांप वेंडरों ने काम बंद करके अनिश्चितकालीन हड़ताल कर दिया है। इस हड़ताल से सरकार को करोड़ों का नुकसान हो रहा है। दो दिनों में सिर्फ बिलासपुर के पंजीयक कार्यालय से नुकसान हो रहा है। अगर जिले की बात की जाए तो 12 करोड़ से ज्यादा का नुकसान होने की संभावना है।
बता दे राज्य सरकार ने योजनाओ के तहत “सुम ऐप” और “एनजीडीआरएस”, पारदर्शिता और सुविधा के नाम पर लाई हैं।जिसके कारण दस्तावेज़ लेखक और स्टाम्प विक्रेता इसे अपने रोजगार पर संकट के रूप में देख रहे हैं। डिजिटल प्रक्रियाओं के चलते उनकी भूमिका सीमित हो रही है, जिससे उनके आय स्रोत प्रभावित हो रहे हैं।यही कारण है कि दस्तावेज लेखक और स्टांप वेंडर अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले गए है। जिनका कहना है कि जब तक उनकी मांग पूरी नहीं होगी उनका हड़ताल जारी रहेगा।

दरअसल सरकार ने जो प्रक्रिया शुरू की है वह दस्तावेज लेखक और स्टांप वेंडरों के हिसाब से कठिन है।क्योंकि इसमें मौके पर जाना होगा और तीन साइड से फोटो खींचकर ऑनलाइन प्रक्रिया में एक प्रोसेस के तहत काम करना होगा। यह सब काम मोबाइल से होगा जिसमें एक ऐप डाउनलोड करना होगा। उसके बाद जमीन की खरीदी करने वालों के लिए आगे की प्रक्रिया शुरू हो पाएगी।
जिले में हो रहा है हर दिन 10 करोड़ से ज्यादा का नुकसान
बिलासपुर पंजीयक कार्यालय में सिर्फ स्टांप खरीदी 1.50 करोड़ और 1.35 करोड़ के आसपास नुकसान सरकार को हो रहा है। इस तरह से देखा जाए तो जिले से सरकार को लगभग 10 से 12 करोड़ के नुकसान का सामना करना पड़ेगा। तखतपुर,मस्तूरी,बिल्हा की अगर बात की जाए तो हर दिन सैकड़ों रजिस्ट्री होती है।जिसके कारण अनुमान लगाया ज़ा रहा है कि 10 से 12 करोड़ के राजस्व का नुकसान सरकार को हो रहा है।
दस्तावेज़ लेखक और स्टाम्प विक्रेताओं की मुख्य मांग
दस्तावेज़ लेखक और स्टाम्प विक्रेताओं की मुख्य मांग यह है कि सरकार उनके रोजगार की सुरक्षा की गारंटी दे और उनके लिए समायोजन की व्यवस्था करे। नई योजनाओं के बावजूद वे चाहते हैं कि उनकी विशेषज्ञता और अनुभव का सम्मान हो और उनके रोजगार के अवसर बने रहें। अन्यथा पूरे स्टांप वेंडर बेरोजगार हो जाएंगे और सड़क पर आ जाएंगे।इसलिए रोजगार को ध्यान में रखते हुए सरकार को काम करना चाहिए। ताकि स्टांप वेंडरों को भी किसी तरह की समस्या न हो
अनिश्चितकालीन हड़ताल पर बैठे है पूरे लोग
स्टांप वेंडर और दस्तावेज लेखक हड़ताल पर बैठे हुए है जिनका साफ कहना है कि जब तक मांगे पूरी नहीं होगी हड़ताल जारी रहेगा और प्रदेश भर में आंदोलन जारी रहेगा। रियल स्टेट में फर्क पड़ रहा है और स्टांप वेंडरों की भी बात सुनकर कुछ राय लेनी चाहिए सरकार को। लेकिन एक तरह से ऑनलाइन की भी प्रक्रिया अच्छी है। इससे लोग घर बैठे भी रजिस्ट्री की जानकारी ले सकते है और खुद कोशिश करके अपनी आधी समस्या निबटा सकते है।
सरकार की जो रजिस्ट्री की ऑनलाइन प्रक्रिया है वह सरल हो ताकि वेंडरों दस्तावेज लेखक और पक्षकारों को भी समस्या न हो। अभी जिस तरह से मौके पर जाकर तीन तरह से ऑनलाइन फोटो खींचना है और ऑनलाइन प्रोसेस करना है इससे स्टांप वेंडरों और पक्षकारों को भारी समस्या हो रही है।
सरकार को दस्तावेज लेखकों और स्टांप वेंडरों के रोजगार और भविष्य को ध्यान में रखना चाहिए।
ऑफलाइन स्टांप की खरीदी में बहुत फर्क पड़ा है। स्टांप वेंडरों के हड़ताल के बाद से स्टांप की बिक्री आधे से भी कम हो गया है,पुराने लोगों के चालान जमा करने वालो को स्टांप दिया जा रहा है। लेकिन हड़ताल करने के बाद से बहुत फर्क पड़ा है।
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