
बिलासपुर,,,, पुलिस ने नशे के कारोबार पर एक बड़ी कार्रवाई करते हुए 31 लाख रुपए की नशीली सामग्री के साथ रायपुर के दो ड्रग डीलरों को रंगे हाथों पकड़ा है। यह कार्रवाई सिविल लाइन पुलिस, एंटी करप्शन ब्यूरो, और साइबर सेल की संयुक्त टीम द्वारा की गई, जिसमें कई सुरागों के आधार पर बिलासपुर में लंबे समय से चल रहे नशे के अवैध कारोबार का खुलासा हुआ

कुर्रे परिवारः नशे के अवैध व्यापार में लिप्त

बिलासपुर की मिनी बस्ती में रहने वाला कुर्रे परिवार लंबे समय से नशे के कारोबार में संलिप्त है। इस परिवार के 9 सदस्य पहले ही नशीले पदार्थों के अवैध कारोबार में शामिल होने के आरोप में जेल में बंद हैं। इस परिवार की महिलाओं, सृष्टि कुरें और गोदावरी कुर्रे, का नाम इस अवैध कारोबार में प्रमुख रूप से सामने आया है। पुलिस लगातार इन पर निगाह रखती है और इसी कड़ी में, पुलिस को कुछ अहम सुराग मिले, जिससे इस रैकेट की गहराई और बड़े नेटवर्क का खुलासा हुआ।

896 नशीली टैबलेट


26 जून को पुलिस ने कल्पना कुर्रे और एक नाबालिग के कब्जे से 896 नशीली टैबलेट बरामद की थी। इसके बाद पुलिस ने लगातार नजर रखी और पूछताछ के दौरान रायपुर निवासी विकान्त सरकार और रविशंकर मरकाम का नाम सामने आया, जो कुर्रे परिवार को नशीले पदार्थों की सप्लाई करते थे। 22 अक्टूबर को सृष्टि कुर्रे के पास से 150 नशीले इंजेक्शन मिलने के बाद, पुलिस को इन दोनों ड्रग डीलरों पर शक और पुख्ता हो गया।

कार से नशे की खेप पहुंचा
सूचना के आधार पर पुलिस ने विकान्त सरकार और रविशंकर मरकाम को टाटा इलेक्ट्रिक वाहन में भारी मात्रा में नशीली सामग्री के साथ गिरफ्तार किया। उनके पास से 21,50 नशीले इंपुल्स और 23,648 टैबलेट्स जब्त किए गए, जिनकी कीमत क्रमशः 11 लाख और 20 लाख रुपए है। इस तरह कुल 31 लाख की नशीली सामग्री पुलिस के कब्जे में आ गई। इसके साथ ही, 10 लाख की कीमत वाली टाटा इलेक्ट्रिक कार और दोनों के मोबाइल फोन भी जब्त कर लिए गए।

आर्थिक गतिविधियों पर पुलिस की निगाह
पुलिस अब यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि नशे के कारोबार से अर्जित धन को कहां-कहां इन्वेस्ट किया गया है। पुलिस का मानना है कि इनकी संपत्ति को भी जप्त करने की कार्रवाई की जा सकती है। इस रैकेट में और कौन-कौन लोग शामिल हैं, इसका पता लगाने के लिए भी एक बड़ी टीम काम कर रही है।
पुलिस का नशे के रैकेट पर प्रहार
बिलासपुर पुलिस की यह कार्रवाई नशे के अवैध कारोबार पर एक बड़ा प्रहार है। यह अभियान उन लोगों के खिलाफ सख्त संदेश है, जो समाज में नशे को बढ़ावा देने का काम करते हैं। पुलिस के इस प्रयास की व्यापक सराहना की जा रही है, और यह कदम नशे के खिलाफ जारी जंग को और मजबूत बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास माना जा रहा है।
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