
बिलासपुर,,, जिले के थाना पचपेड़ी क्षेत्र के ग्राम चिल्हाटी में एक युवक का शव मिलने से सनसनी फैल गई! शव की पहचान कसडोल थाना क्षेत्र के निवासी टीकाराम केवट के रूप में की गई है! प्रथम दृष्टया मामला संदेहास्पद प्रतीत होने पर पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह ने मामले की गंभीरता से देखते हुए तत्काल कार्यवाही का आदेश दिया!
प्रेमिका से मिलने गया था युवक, बना हत्या का शिकार
जांच में मृतक के परिजनों से पूछताछ के दौरान यह जानकारी सामने आई कि टीकाराम का प्रेम संबंध गाँव की गीता यादव नामक युवती से था। 2 नवंबर 2024 को वह अपने मित्र दीपक वर्मा के साथ दोपहर 12 बजे घर से बाइक पर निकला था। जानकारी के अनुसार, लड़की के परिजन टीकाराम और गीता के संबंधों से नाराज थे, जिस कारण उन्होंने गीता को अपने रिश्तेदार भागवत यादव के घर दिगोरा भेज दिया था!
दिगोरा गांव में की गई मारपीट, जंगल में मिली लाश
घटनाक्रम के अनुसार, टीकाराम और दीपक जब गीता से मिलने दिगोरा पहुँचे, तो भागवत यादव ने उन्हें देख लिया और अपने घर बुला लिया। वहां से भागवत ने गीता के पिता सुखी राम यादव को सूचना दी, जिसके बाद सुखी राम अपने बेटे भोजराम यादव, गौरी शंकर यादव और रिश्तेदार ललित यादव व राहुल यादव के साथ ललित की गाड़ी में सवार होकर भागवत के घर पहुंचे। वहाँ उन्होंने दीपक और टीकाराम के हाथ बांधकर दोनों को तूफान वाहन में बैठाया और चिल्हाटी के जंगल में ले गए।
हत्या की साजिश का खुलासा, आरोपीगण हिरासत में
जंगल में पहुँचकर आरोपियों ने दोनों के साथ हाथ, मुक्के और डंडों से मारपीट शुरू कर दी। मौका पाकर दीपक वहाँ से भाग निकला, लेकिन टीकाराम के साथ मारपीट जारी रही। आरोपियों ने अंततः टीकाराम का गला रस्सी से घोंटकर उसकी हत्या कर दी। पुलिस द्वारा हिरासत में लिए गए आरोपियों ने पूछताछ के दौरान टीकाराम की हत्या की बात कबूल की है। इस मामले में सुखी राम यादव, भोजराम यादव, गौरी शंकर यादव, ललित यादव, राहुल यादव और भागवत यादव को गिरफ्तार कर पूछताछ की जा रही है।
पुलिस की त्वरित कार्यवाही, दो थानों की भूमिका महत्वपूर्ण
इस जघन्य हत्याकांड की तह तक पहुँचने में थाना पचपेड़ी और कसडोल के अधिकारियों और कर्मचारियों का विशेष योगदान रहा। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह के निर्देशानुसार तेजी से कार्यवाही की गई, जिसके चलते आरोपियों की पहचान कर उन्हें हिरासत में लिया गया।
न्याय की उम्मीद में परिजन
टीकाराम के परिजन इस हादसे से शोक में हैं और न्याय की उम्मीद कर रहे हैं। पुलिस द्वारा की गई त्वरित कार्यवाही से उन्हें न्याय मिलने की संभावना बढ़ गई है।
Author Profile
Latest entries
Uncategorized2026.07.3019 घंटे का इलाज, ₹4.75 लाख का बिल… फिर भी नहीं बची जान! बिलासपुर के निजी अस्पताल पर महंगी सांसों का सवाल, सौदेबाजी के बाद ₹2.25 लाख में मिली मरीज की बॉडी, स्वास्थ्य व्यवस्था पर उठे गंभीर सवाल…
Uncategorized2026.07.3019 घंटे का इलाज, ₹4.75 लाख का बिल… फिर भी नहीं बची जान! बिलासपुर के निजी अस्पताल पर महंगी सांसों का सवाल, सौदेबाजी के बाद ₹2.25 लाख में मिली मरीज की बॉडी, स्वास्थ्य व्यवस्था पर उठे गंभीर सवाल….
Uncategorized2026.07.29सेंट्रल जेल फिर सवालों के घेरे में! गैस भट्टी में कूदकर सजायाफ्ता बंदी की मौत की खबर, लगातार हो रही मौतों से बढ़ी चिंता; लापरवाही, सुरक्षा व्यवस्था और जेल प्रशासन की चुप्पी पर उठे गंभीर सवाल…
Uncategorized2026.07.29डिलीवरी बनी दर्द की दास्तान! पेंडलवार हॉस्पिटल पर बड़ा लापरवाही का आरोप, महिला के पेट में छोड़े सिलाई के धागे; दूसरी सर्जरी से निकले, CMHO का नोटिस, जांच शुरू, कार्रवाई की तलवार लटकी…
