
बिलासपुर,,, जुआ एक समाजिक बुराई का प्रतीक है। लेकिन इस समाज की रक्षा करने वाले रक्षक इस सामाजिक बुराई की आड़ में अपनी जेब को गरम करने का अवसर मिलते ही इसे भुनाने में लग जाते है! ऐसा ही एक मामला बिलासपुर के थाना सिटी कोतवाली का है! इस थाना में लंबे समय से पदस्त एक ASI ने इस अवसर को भुनाते हुए अपनी जेब को गरम करने में कोई कसर नहीं छोड़ी! आपको बताते चले कि दीपावली का त्यौहार आते ही शहर के अलग अलग इलाको में ताश पत्ती के सहारे हारजीत का खेल का सिलसिला शुरू होता है! और त्यौहार के बीत जाने के बाद भी कई दिनों तक यह सिलसिला जारी रहता है! जिसे हम जुआ के नाम से जानते है!शनिवार और रविवार की दरमियानी रात को कोतवाली थाने के ASI और थाना कोतवाली के दो चार सिपाहियों के साथ टीम बनाकर थाना क्षेत्र में जुआ खेल रहे जुआरियों पर कार्रवाई करते हुए दो जगहों पर छापा मारा जहां पर पहली कार्रवाई गोंडपारा इलाके में की गई। इस कार्रवाई में जुआ खेल रहे चार जुआरियों को पकड़ा गया। इन जुआरियों के खिलाफ बगैर कार्रवाई के इनसे मोटी रकम वसूल कर थाने के बाहर ही मामले को चलता कर दिया गया।इसके बाद इनको फिर एक सूचना मिली कि खटीक मोहल्ला डीपी कालेज के पास गली में जुआ का खेल चल रहा है। इस सूचना पर ASI ने अपनी टीम के साथ यहां पर फिर छापामार कार्रवाई करते हुए चार जुआरियों को पकड़ा। इनके पास से लगभग साठ हजार से अधिक की रकम बरामद हुई। कागजी कार्रवाई में बहुत ही छोटी रकम को दर्शाया गया और मामला कायम कर दिया गया।
बड़ी कार्रवाई का दिखाया भय वसूल ली रकम
खटीक मोहल्ला में पकड़े गए जुआरियों को थाना लाया गया जहां पर इनके खिलाफ जुआ एक्ट के तहत कार्रवाई की गई।कार्रवाई पूरी होने के बाद इनको जमानत मुचलका में नहीं छोड़ा गया। इन जुआरियों को घंटों थाना में बैठाया गया। जिसके बाद इनको जेल भेजने के नाम पर भय दिखाया गया। जेल नहीं जाने को लेकर दस दस हजार रुपए की डिमांड रखी गई। जब जुआरियों ने इतनी बड़ी रकम देने में असमर्थता दिखाई तो पांच पांच हजार रुपए में सौदा तय हुआ। जब चारों जुआरियों ने मांग पूरी करते हुए बीस हजार रूपय दिया तब इनको थाना से छोड़ा गया।
बहरहाल इस पूरे घटनाक्रम की जानकारी थाना प्रभारी को भी नहीं थी।थाना प्रभारी श्री साहू से बात करने पर उन्होंने कहा कि इसकी जानकारी लेकर तत्काल जांच कर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस की छवि को धूमिल करने और खाखी को दागदार करने वाले ऐसे पुलिस कर्मियों के खिलाफ पुलिस विभाग के आला अधिकारियों को सख्त से सख्त कार्रवाई करने की जरूरत है।एक तरफ जहां पुलिस एक सभ्य समाज की परिकल्पना को लेकर पूरी निष्ठा ईमानदारी सजगता के साथ अपने कर्तव्य और दायित्व का निर्वहन कर कार्य कर रही तो वही दूसरी और कुछ ऐसे पुलिस कर्मी जो ख़ाखी का डर और भय दिखाकर अपनी जेब गरम करने में लगे है।
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