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21 Jan 2026, Wed

मुम्बई से आया ऑडर, गिन्नी जांगड़े नशे का कर रही थी, अवैध कारोबार,अब संपति…..?

बिलासपुर,,,  अवैध नशा कारोबार के जरिए करोड़ों रुपये की लेन-देन करने वाली गिन्नी जांगडे उर्फ गोदावरी जांगडे पर पुलिस ने शिकंजा कसते हुए उसकी अवैध संपत्ति को जब्त करने की प्रक्रिया तेज कर दी है! पुलिस की End-To-End Financial Investigation (शुरू से अंत तक वित्तीय जांच) के दौरान यह खुलासा हुआ कि गिन्नी जांगडे ने अवैध गतिविधियों के जरिए 35 लाख रुपये से अधिक की संपत्ति अर्जित की थी!  कोर्ट ने इस संपत्ति को फ्रीज करने का आदेश जारी कर दिया है!

गिन्नी जांगडे पर आरोप है! कि उसने नशे के कारोबार में बड़ी भूमिका निभाई और इसका एक बड़ा नेटवर्क भी फैलाया! जांच एजेंसियों के मुताबिक, उसने न केवल अवैध नशे के व्यापार से मोटा पैसा कमाया, बल्कि यह रकम उसने विभिन्न प्रकार की संपत्तियों में निवेश की थी! यह जांच पूरे नेटवर्क को तोड़ने और इसके आर्थिक स्त्रोतों का पता लगाने के लिए की जा रही है!

समीक्षा के दौरान यह भी सामने आया कि गिन्नी जांगडे ने अपने आर्थिक लेन-देन को छुपाने के लिए कई जटिल वित्तीय तरीके अपनाए थे! पुलिस ने उसकी संपत्तियों की जांच करने के बाद पाया कि उसने कई संपत्तियों को नाम बदलकर अपनी गिरफ्त में लिया था! इस फ्रीजिंग आदेश के बाद, पुलिस को यह अधिकार मिल गया है! कि वह इन संपत्तियों को कब्जे में लेकर संबंधित कोर्ट की अनुमति से आगे की कार्रवाई कर सके!

इस मामले में गिन्नी जांगडे की गिरफ्तारी के बाद उसकी सहयोगियों और अन्य नेटवर्क के बारे में जानकारी प्राप्त की जा रही है। यह जांच पूरे राज्य में नशे के कारोबार के खिलाफ चल रही बड़ी कार्रवाई का हिस्सा है, जिससे इस प्रकार के अपराधों पर अंकुश लगाने की उम्मीद जताई जा रही है।

इस कार्रवाई का उद्देश्य न केवल गिन्नी जांगडे की अवैध संपत्ति को जब्त करना है! बल्कि इसके माध्यम से पुलिस अन्य नेटवर्क और लोगों तक पहुंचने की कोशिश कर रही है! जो इस नशा कारोबार में शामिल हो सकते हैं! इसके अतिरिक्त, यह कदम नशे के कारोबार को रोकने के लिए एक बड़ा संदेश भी है! कि इस प्रकार की अवैध गतिविधियों को किसी भी हाल में सहन नहीं किया जाएगा! और कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी! अधिकारियों का कहना है! कि इस प्रकार के मामलों में संपत्तियों को फ्रीज करने से अपराधियों के आर्थिक स्रोतों को दबाया जा सकता है! जिससे उनका नेटवर्क कमजोर पड़ता है! पुलिस और जांच एजेंसियां अब इस मामले में और गहराई से जांच करने की योजना बना रही हैं! ताकि इस तरह के अपराधियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जा सके और समाज में नशे के कारोबार से जुड़ी समस्याओं का समाधान किया जा सके!

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प्रधान संपादक -हरबंश सिंह होरा
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